अखिलेश चंद्र चमोला नशा उन्मूलन नोडल अधिकारी गढ़वाल मंडलीय केदिशा निर्देशन में आर 0सी 0मेमोरियल पब्लिक स्कूल में विद्यालय प्रबंधन समिति तथा पूरे विद्यालय परिवार के साथ नशा उन्मूलन को लेकर के एक बिसात कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें नोडल अधिकारी ने दीप प्रज्वलित करते हुए नशा उन्मूलन के संदर्भ में अपने उद्बोधन में मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले

नुकसान और बचाव की भी जानकारी देते हुए कहा कि हमारे उत्तराखंड को शास्त्रों में देवभूमि तपोभूमि हेमंत प्रदेश के नाम से जाना जाता है। यहां जन्म लेना अपने आप में परम सौभाग्यता कोदर्शाता है। लेकिन आज चिंतन का विषय है कि हमारे युवा दिन प्रतिदिन नशे की शिकार हो रहे हैं। कोई अपनी मूलभूत संस्कृत को भूलकर पाश्चात्य संस्कृति का अन्धानुकरण कर रहे हैं। आज हम सब का पावन कर्तव्य हैं कि हम अपनी भाव पीढ़ी से खुलकर संवाद स्थापित करें। बच्चों के अंदर किसी तरह के नकारात्मक विचार पैदा होने न दें न होने दे। उनके मनोबल को बढ़ाते रहें। यही राष्ट्र की बहुमूल्य धरोहर है। हमें अपने आप को गौरवान्वित महसूस करना चाहिए कि हमें इस धरोहर का मार्गदर्शन करने का सुनहरा अवसर मिला हुआ है। समय पर रहते हुए हमें इनको अपने गौरव मय इतिहास की मनोहर कहानियों को सुनाकर इनका मार्गदर्शन करना चाहिए। आज इस तरह की गौरवशाली इतिहास की नितांत आवश्यकता है। बच्चे महाराणा प्रताप छत्रपति शिवाजी अशोक जैसे दिव्य महापुरुषों की जीवनी से परिचित होंगे तो उनमें भी इन महापुरुषों के निश्चित रूप से दिव्य गुणो का समावेशीकरण होगा। हर छात्र में असीम प्रतिभा निहित रहती है। आवश्यकता सिर्फ उसकी प्रतिभा को निखारने की है। इस अवसर पर नोडल अधिकारी चमोला ने बच्चों से भारतीय संस्कृति से संबंधित प्रश्न भी पूछे। बच्चों के सही सही उत्तर सुनकर चमोला ने विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापिका कुसुम लता बिष्ट की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह से बच्चों का मार्गदर्शन करने से बच्चे कभी भी नशे की ओर आकर्षित नहीं हो सकते हैं। हमारा इसी तरह से प्रयास होना चाहिए कि हम भय मुक्त वातावरण में बच्चों को प्रेरक प्रसंग तथा प्रेरणा दायिनी प्रसंगों से परिचित करायें। इस मौके पर विद्यालय परिवार ने नशा उन्मूलन नोडल अधिकारी का शौल उड़ाकर स्वागत किया। अखिल विश्व गायत्री परिवार की सहसयोजिका प्रेमलता कालड़ा ने कहा कि अखिलेश चंद्र चमोला भावी पीढ़ी के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अपने अध्यापन कार्य के साथ साथ अतिरिक्त समय में नशा उन्मूलन जैसा जन जागरूकता कार्यक्रम करना अपने आप में उत्कृष्ट मुहिम को दर्शाता है।प्रधानाचार्य कुसुम लता बिष्ट ने कहा कि समय समय पर बिद्यालयो में इस तरह की कार्य शालाओं का होना बहुत जरुरी है।इस तरह की कार्य शालाओं से छात्र छात्राओं के कौशल विकास में वृद्धि होती है। नशे का सेवन करने से कैन्सर,,ब्रेन स्ट्रोक जैसे भयंकर रोग हो जाते हैं। जीवन में नशा को हमेशा से ना कहें। इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों ने नशा मुक्ति पर भाषण भी दिये। इस मौके पर अनसूया बडोनी,,अरबिन्द सिंह नेगी,, विनीत दत्त,, संगीता रावत, गीतेश भारती,, सुषमा बिष्ट,,,अन्जू बिष्ट,,, विकास,,मन्जू कन्डियाल,, अर्चना,,,मेघा राणा,,अन्जलि वर्तवाल आदि ने भी मुख्य रूप से अपने विचार व्यक्त किये।

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