- बादल फटने से सहस्त्रधारा में कई मकान, होटल, वाहन बह गए
- दो लापता, टपकेश्वर मंदिर में घुसा पानी
- आसन नदी में 10 लोगों के बहने की सूचना
- पुल का एक हिस्सा धंसने से देहरादून- विकास नगर मार्ग बंद
- मालदेवता के पास सड़क का एक हिस्सा बहा
- मुख्यमंत्री ने लिया स्थिति का जायजा
- प्रधानमंत्री व गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री से की बात
देहरादून। आसमानी आफत देहरादून में भारी तबाही हुई है। देहरादून के आसपास की सभी नदियां उफान पर है। सहस्त्रधारा क्षेत्र में सोमवार देर रात को बादल फटने की भयावह घटना सामने आई। जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। अचानक हुई मूसलधार बारिश के कारण करलीगढ़ में जलस्तर तेजी से बढ़ गया और मलबे के साथ तेज बहाव में कई मकान, होटल, दुकानें और वाहन बह गए। इस आपदा में अब तक दो लोगों के लापता होने की सूचना है।

सबसे ज्यादा नुकसान सहस्त्रधारा के आसपास क्षेत्र में हआ है। मालदेवता के पास सड़क का एक हिस्सा भी बह गया घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। टपकेश्वर महादेव मंदिर के परिसर में भी बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे मंदिर की गतिविधियाँ पूरी तरह ठप हो गई हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं और पुजारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें मौके पर तैनात हैं और तेजी से राहत कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने बताया कि अब तक कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, हालांकि खराब मौसम के चलते राहत कार्यों में लगातार बाधाएँ आ रही हैं।
वहीं विकासनगर के आसन नदी क्षेत्र में भी बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। यहां लगभग 10 लोग बहने की खबर है जिनमें से 5 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। अन्य की तलाश जारी है। इसके अलावा भारी बारिश से राजधानी की कई कालोनियों में पानी घुस गया।
प्रधानमंत्री व गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
दूसरी ओर, मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सात जिलों—देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली और नैनीताल—में भारी से भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले 48 घंटों तक अत्यधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।
देहरादून प्रशासन ने आज मंगलवार (16 सितंबर) को जिले के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आम नागरिकों को नदियों, नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने, तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
इस आपदा के चलते टौंस और रिस्पना नदियों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे और अधिक क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय प्रशासन, सेना, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियाँ हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थिति पर निगरानी के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और कहा है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।