उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक गरीब किसान परिवार का लड़का मोहन बिष्ट कैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करके अपने सपनों को साकार करता है पढ़ें हिम वार्ता लाइव की खास अपडेट

उत्तराखंड के मेरे सभी दगड़ियों को नमस्ते!

आपको जानकर अति प्रसन्नता होगी कि मेरा प्रथम उपन्यास रेगिस्तान का कैक्टस छपकर तैयार हो गया है और इस समय अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।

इसका Link है

 

इस उपन्यास की विशेषताएं हैं__

१) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक गरीब किसान परिवार का लड़का मोहन बिष्ट कैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करके अपने सपनों को साकार करता है

२) कहानी उत्तराखंड की हसीन वादियों से घूमते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर रवाना होती है।

३) यह उपन्यास दिल्ली यूनिवर्सिटी के वातावरण को ध्यान में रखकर लिखा गया है।

४) यह उपन्यास जीवन के संघर्ष और प्रेम कहानी पर आधारित है

५) छात्र जीवन में पढ़ाई करते हुए अपनी क्षमता के बल पर कैसे अपनी इनकम बढ़ाई जा सकती है

६) कॉलेज में रैगिंग करने वालों को मोनीदीपा बरुआ नाम की नेशनल बॉक्सिंग चैंपियन लड़की कैसे सबक सिखाती है

७) उपन्यास में यह भी दर्शाया गया है कि माता-पिता को बेवजह अपने बच्चों को उस कोर्स में जाने के लिए ना कहें जो बच्चों को पसंद नहीं है

८) उपन्यास दर्शाता है कि अच्छे दोस्तों की संगत में रहकर कैसे जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है

९) एक सच्चे दोस्त की पहचान क्या होती है, उपन्यास इस बारे में भी प्रकाश डालता है

१०) आधुनिक युग में कैसे नक्सलवादी और वामपंथी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को अपने जाल में फसाते है

११) यथार्थ के धरातल पर रहकर, उपन्यास का मुख्य किरदार मोहन बिष्ट अपने संस्कारों का पालन करते हुए कैसे आगे बढ़ता है।

१२) उपन्यास में कहीं-कहीं कॉलेज में होने वाली रैगिंग और क्लास की मौज मस्ती भी दिखाई गई है।

आप सभी दगड़ियों से हाथ जोड़कर विनती है की एक बार इस उपन्यास को अवश्य पढ़ें और अपने विचारों से मुझे अवगत कराएं।

यह उपन्यास आज की युवा पीढ़ी के लिए, विशेष कर उत्तराखंड, बहुत ही प्रेरणादायक और मार्गदर्शन करने वाला है।

 

 

 

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