23 मई से बुध ग्रह के शुक्र के घर में जाने से बढ़ेगी तीन राशियों के लोगों की टेंशन।
देहरादून। बुध को सौरमंडल के शुभ ग्रहों में से एक माना जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में इसे ग्रहों के राजकुमार का दर्जा दिया गया है। कुंडली में बुध की मजबूत स्थिति व्यक्ति को बुद्धिमान बनाती है। जातक की तर्कशक्ति और एकाग्रता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
*सौरमंडल की स्थिति पर उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर संजय प्रसाद घिल्लियाल देवग्य का फिर एक बड़ा बयान आया है जिसमें उन्होंने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है बुध ग्रह का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा है, कि सौरमंडल के राजकुमार के नाम से जाने जाने वाले बुध ग्रह के अनुकूल रहने से धन लाभ और सफलता के योग बनते हैं। त्वचा से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। कारोबार में भी मुनाफा होता है।*
राजगुरु डा दैवज्ञ कहते हैं, कि 23 मई को बुध शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने वाले हैं। इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। उनके जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव बदलाव देखने को मिलेंगे। कुछ राशियों के लिए यह समय मुश्किलों से भरा होगा। सेहत को लेकर परेशानी बढ़ सकती है। व्यापार में भी नुकसान हो सकता है। सावधान रहने की जरूरत है।
*तुला राशि*
तुला राशि के जातकों के लिए बुध की यह चाल परेशानियां बढ़ाने वाली है। सेहत बिगड़ सकती है। इस दौरान खुद का और परिवार का खास ख्याल रखें। त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। कार्य क्षेत्र में आप षडयंत्रों का शिकार बन सकते हैं। शत्रु पक्ष से सावधान रहने की जरूरत है। यात्रा के कारण धन खर्च बढ़ सकता है। आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान कोर्ट-कचहरी के मामलों से बचने की कोशिश करें। वाद विवाद से दूर रहें।
*मिथुन राशि*
मिथुन राशि के जातकों के लिए भी यह समय अच्छा नहीं रहेगा। किसी भी व्यक्ति को उधार ना दें। धन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऊर्जा की कमी महसूस होगी। शत्रु पक्ष मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। निवेश करने से पहले सोच-विचार जरूर करें।
*धनु राशि*
धनु राशि के जातकों के लिए भी बुध का यह गोचर शुभ नहीं रहेगा। सेहत का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। कारोबार में नुकसान हो सकता है। किसी को भी उधार देने की गलती न करें। आर्थिक पक्ष कमजोर पड़ सकता है। छात्रों को भी सफलता के लिए अधिक मेहनत करने की जरूरत पड़ेगी।
*स्मरणीय है कि जनवरी में आचार्य दैवज्ञ का बयान मीडिया में आया था, कि बुध ग्रह वक्र गति से चलने वाले हैं और क्योंकि उनका ही नियंत्रण मनुष्य की वाणी पर होता है इसलिए विशेष रूप से कन्या राशि के लोगों को अर्थात जिनका नाम “प” अक्षर से शुरू होता है, अपनी वाणी पर बहुत नियंत्रण रखना होगा और उसके बाद फरवरी में विधानसभा में कई राजनीतिज्ञ इसके शिकार हुए और समय पर सावधान ना होने की वजह से उन्हें अपने पद और प्रतिष्ठा से भी हाथ धोना पड़ा। संपर्क करने पर डॉक्टर चंडी प्रसाद “दैवज्ञ” ने कहा कि सावधान करना उनका फर्ज है उसका पालन करना और न करना लोगों की अपने हाथ में है।*
