- चमोली व रुद्रप्रयाग में जनपद में जन-जीवन अस्त-व्यस्त
- मुख्यमंत्री ने राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
- राजमार्ग पर आया अलकनंदा का पानी
रुद्रप्रयाग/चमोली। उत्तराखंड में मानसूनी आफत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। चमोली के देवाल विकासखंड के मोपाटा गांव में भूस्खलन से एक मकान मलबे में दब गया, जिससे पति-पत्नी की मौत हो गई। वहीं रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई है।
चमोली के देवाल विकासखंड के मोपाटा गांव में एक मकान मलबा आने से पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में भर्ती कराया गया है। घटना में कई मवेशियों के भी दबे होने की सूचना है। वहीं बारिश के कारण चमोली जिले में कई हाईवे और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। जगह-जगह भूस्खलन से रास्तों पर मलबा जमा हो गया है। बिजली आपूर्ति ठप है और ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। प्रशासन की ओर से टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।
उधर, रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई है। इससे स्यूर गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है जबकि एक वाहन के बहने की सूचना है। क्षेत्र में खेतों और सड़क पर भारी मलबा व बोल्डर आ गए हैं। अरखुण्ड में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बहने की सूचना है।
जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गया है। NDRF, SDRF, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके बदरीनाथ हाईवे पर अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है। इसके चलते नदी के किनारे रहने वालों को सुरक्षित पर जाने को कहा गया है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को बचाव व राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है।