भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र पांच दिन की कार्यवाही के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इस दौरान सरकार ने वित्तीय वर्ष का बजट सदन में पारित कराया और शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। खासकर रसोई गैस की किल्लत, गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सदन के भीतर जोरदार विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में आम जनता गैस संकट से जूझ रही है, जबकि सरकार स्थिति को सामान्य बताने में लगी हुई है।कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर सदन के बाहर भी प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और गैस की कमी से आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी हो रही है, लेकिन सरकार इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है। वहीं सरकार की ओर से मंत्रियों ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
पांच दिनों तक चले इस बजट सत्र में जहां सरकार ने बजट पारित कराया, वहीं विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सत्र के दौरान कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी रही। अंततः निर्धारित कार्यवाही पूरी होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
