- स्कूली बच्चों ने भी राग व संगीत से समा बांधा
देहरादून। विरासत साधना में बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के गीत व संगीत की धूम रही। उप्रेती बहनों के गीतों पर विरासत का पंडाल झूम उठा। वहीं स्कूली बच्चों ने भी शानदार प्रस्तुतियों से समा बांध दिया।
बृहस्पतिवार को डा. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित विरासत महोत्सव में ज्योति उप्रेती सती और नीरजा उप्रेती (उप्रेती बहनें) ने गढवाली, कुमाऊंनी व जौनसारी गीतों ने धूम मचा दी। उत्तराखंड की एक खास मानी जाने वाली जोड़ी ने उत्तराखंड की संस्कृति और भावनाओं पर केंद्रित पारंपरिक और लोक संगीत की प्रस्तुति सभी झूमने को मजबूर कर दिया। बड़ी बहन ज्योति उप्रेती पेशेवर गायक, संगीतकार और गीतकार है, जबकि छोटी बहन डा. नीरजा उप्रेती फिजियोथेरेपिस्ट होने के साथ—साथ गायिका भी हैं। इससे पूर्व सुबह के सत्र में स्कूली बच्चों विरासत महोत्सव अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करके सभी का दिल जीत लिया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों और सहयोगियों के साथ मिलकर मनमोहक वाद्य प्रस्तुति दी। इसी कड़ी में दून विवि से तबला वादक अनिरुद्ध नौटियाल के साथ राघव शर्मा, सेंट कबीर एकेडमी से तबला वादक लवकेश प्रकाश के साथ अमन निराला, पीवाईडीएस लर्निंग एकेडमी से दिपांशु गौर (पखावज) के साथ दीपक कुमार भारद्वाज, तरुण संगीत एवं विचार मंच के अभिनव पोखरियाल (तबला) के साथ में राघव शर्मा, दून वैली पब्लिक स्कूल के विनायक भारद्वाज (सितार) के साथ दीपक कुमार भारद्वाज ने शानदार प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इसके अलावा दून इंटरनेशनल स्कूल के मनवीर सिंह ने भी तबले पर तीन ताल का राग देकर सभी को मग्ध कर दिया। एशियन स्कूल की सुखप्रीत सिंह (तबला), द ओएसिस से अक्षज गोयल (तबला), शिक्षांकुर द ग्लोबल स्कूल से विहान जोशी (तबला), सुरेंद्र संगीत विद्यालय समिति से माही सिंह, फाइलफॉट पब्लिक स्कूल से अदिति वर्मा की प्रस्तुति को भी सराहा गया। विरासत रीच संस्था के संयुक्त सचिव व मुख्य आयोजक विजयश्री जोशी ने प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया।
