देहरादून। विरासत महोत्सव में कुचिपुड़ी नृत्यांगना अरुणिमा कुमार की मनमोहक प्रस्तुति से विरासत में भक्ति की लहर दौड़ गई। उन्होंने सूर्य स्तुति, अद्र्धनारीश्वर, देव देवम भजे, कलिंग नर्तनम, शिव तरंगम व दुशासन वध गीतों की प्रस्तुति देकर मन मोह लिया।
बृहस्पतिवार को अद्र्धनारीश्वर नृत्य कि प्रस्तुति राग मालिका में ताल मालिका से हुई। उसके बाद उनकी कलिंग नारायणम एक थिल्लाना रहा जिसमें बाल कृष्ण को कालिया सर्प को पराजित करते हुए तथा उसके सिर पर नृत्य करते हुए दर्शाया गया है। कुचिपुड$ी नृत्य की प्रस्तुति में कोर्नेलिया, बिद्या, अरुणिमा कुमार आदि शामिल थे। भारतीय शास्त्रीय संगीत में अनमोल सितारा माने जाने वाली आरुणिमा कुमार कुचिपुड़ी के लिए 2008 के संगीत नाटक अकादमी युवा पुरस्कार विजेता हैं।
कुचिपुड़ी नृत्यांगना अरुणिमा की प्रस्तुति ने समा बांधा
