ग्रीन टेक्नोलॉजी एवं सर्कुलर इकोनामी के महत्व को किया उजागर

  • उत्तरांचल विवि में प्रबंधन संस्थान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
  • ग्रीन टेक्नोलाजी एंड सस्टेनेबल ट्रांसफर्मेशन पुस्तक का विमोचन

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के उत्तरांचल प्रबंधन संस्थान में ‘ग्रीन टेक्नोलाजी फार सस्टेनेबिलिटी: फाइनेंशियल इन्क्लूसिविटी, इनोवेशन एंड चैलेंजेस इन सोसायटी 6.0’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो गया। सम्मेलन में सतत विकास लक्ष्यों पर ध्यान केन्द्रित करते शोध और नवाचार के क्षेत्र में किए गए कार्यों पर चर्चा की गई।
मंगलवार को सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईसीएआई के अध्यक्ष चरनजोत सिंह नन्दा, मुख्य वक्ता प्लेटिनम इंडस्ट्रीज के चेयरमैन कृष्ण दुष्यन्त राणा, विवि के अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी  ने किया। मुख्य अतिथि चरनजोत सिंह नन्दा ने छात्रों को तकनीकी आधारित शिक्षा अपनाने एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता श्री राणा ने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को उद्यमिता और उद्योग क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कुलपति प्रो. धरम बुद्धि ने सतत विकास के क्षेत्र में ग्रीन टेक्नोलाजी और सर्कुलर इकोनामी के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर देश—विदेश से 500 से अधिक शिक्षकों व शोथार्थियों ने आनलाइन एवं आफलाइन माध्यम से शोध पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन के दौरान ग्रीन टेक्नोलाजी एंड सस्टेनेबल ट्रांसफर्मेशन पुस्तक का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन का संचालन विभागाध्यक्ष प्रो. तिलोत्तमा सिंह ने किया।सम्मेलन में विवि की उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, उप कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा, निदेशक छात्र कल्याण डा. अभिषेक जोशी, संस्थान के निदेशक प्रो. प्रदीप सूरी आदि ने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर डा. बबीता रावत,  डा. फरमान अली (सह-संयोजक) समेत अनेक लोग मौजूद थे।

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