घर से हो महिलाओं का सशक्त बनाने की शुरूआत: रहाटकर

  • उत्तरांचल विवि बना कैम्पस कालिंग प्रोग्राम का मुख्य केन्द्र

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय की महिला सेल एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में कैम्पस कॉलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से लैगिंक संवेदनशीलता, साइबर सुरक्षा एवं महिलाओं के यौन उत्पीडऩ की रोकथाम समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

बृहस्पतिवार को स्वामी विवेकानन्द ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर, विवि के अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी, उत्तराखण्ड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल एवं विवि की संचालक समिति की उपाध्यक्ष अनुराधा जोशी ने किया। मुख्य अतिथि विजया रहाटकर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग देश की युवा शक्ति को कैम्पस कॉलिंग कार्यक्रम के तहत प्रत्येक महिला को शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्त बनाने हेतु सहभागी बनने का आह्वान करता है जिसकी शुरूआत अपने घर से ही माता, बहन एवं पुत्री स्वरूपा नारी शक्ति को समानता, सम्मान एवं उसके अधिकारों के संरक्षक बनकर की जा सकती है। विवि के अध्यक्ष श्री जोशी ने कहा कि कैम्पस कॉलिंग कार्यक्रम लैंगिक संवेदनशीलता की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। भविष्य में इसके अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिलेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा विवि के 12 छात्रों को कैम्पस कॉलिंग कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनाते हुए कैम्पस एम्बेसेडर के रूप में नियुक्ति पत्र भी दिये गये।
कार्यक्रम में विवि की महिला सेल, आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ व कैम्पस एम्बेसेडर्स समेत 800 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का दूसरा व तीसरा सत्र महिलाआें के लिए सुरक्षित कैम्पस व साइबर सुरक्षा को समर्पित रहा जिसमें डा. पलक मित्तल व कमाक्षी शर्मा ने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर विवि की उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि, उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा, आयोग के मीडिया सलाहकार शिवम गर्ग, प्रो. राधेयाम झा, प्रियदर्शनी तिवारी, रितिक मलेथा, प्रो. रीता रौतेला, प्रो. लक्ष्मी प्रिया विंजामूरी, डा. इन्द्रा रौतेला, डा. मिनाक्षी समेत अनेक लोग मौजूद थे।

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