- विरासत महोत्सव में जौनसारी लोकगीत गीतों की धूम
- बाइक रैली के जरिये शक्ति व भाईचारे का प्रदर्शन
देहरादून। विरासत महोत्सव में रविवार को जौनसारी लोकगीतों व नृत्य की धूम रही। जौनसार बावर मेरो मुलुक लोक सांस्कृतिक एवं कला मंच ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया।
विरासत सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड के जौनसारी लोकगीत एवं नृत्य से हुई। जौनसार बावर मेरो मुलुक लोक सांस्कृतिक एवं कला मंच के कलाकारों ने जौनसार क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करते हुए एक मनोरम लोक नृत्य प्रस्तुति प्रस्तुत किया गया जिसे विरासत में मौजूद सभी दर्शन मंत्रमुग्ध हो गए। प्रस्तुति भगवान महासू को समर्पित एक भावपूर्ण आह्वान “महाशो वंदना” से शुरू हुआ और पारंपरिक लोकगीत “हरोल” के साथ एक जीवंत स्वर में समाप्त हुआ। उनकी प्रस्तुति में स्वर, लय और लोक वाद्यों का अद्भुत मिश्रण रहा जो समुदाय की गहरी सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में नीलम शॉ, अनुज खन्ना, अंशुल वर्मा, भज्जू राम, नितेश खन्ना, सचिन वर्मा, विशाल वर्मा, अनुज वर्मा, रितिक वर्मा, अंकित दयाल, चंदन भारती, रिशव दयाल, मुन्ना वर्मा, मोहन वर्मा, पूनम खन्ना, शिवानी वर्मा, मीना सिंह, निशा चौहान, विशाल धीमान और आर्यन वर्मा शामिल रहे वही वाद्य यंत्र में ढोल: चंदन वर्मा, दामो: आर्यन वर्मा, रणसिंघे: मुन्ना वर्मा, गायक: सचिन वर्मा, विशाल वर्मा, कीबोर्ड: अंकित दयाल, ढोलक: अनुज वर्मा, ऑक्टोपैड: विशाल धीमान और गिटार: रितिक वर्मा ने संगत किया।
इससे पूर्व सुबह के सत्र में सुपर बाइक रैली का आयोजन किया गया जिसमें 26 बाइकर्स ने जोशीली राइड में हिस्सा लिया। रैली के जरिये बाइकर्स ने अपनी शक्ति व भाईचारे का प्रदर्शन किया। विरासत स्थल से बाइक रैली का शुभारंभ हुआ। रैली देहरादून कैंट, दिलाराम चौक, राजपुर रोड, जाखन, मसूरी डायवर्जन से वापस बीआर अंबेडकर स्टेडियम (कौलागढ$ रोड) में समाप्त हुई। रैली शशांक ढोबल समेत बाइकर्स क्लासिक एवं आकर्षण विविधता से भरे सुपर बाइक्स के साथ शमिल थे। बाइकिंग के शौकीनों की एकता, स्वतंत्रता, संस्कृति और एकजुटता का के विरासत की भावना को भी दर्शाया।
