टीएचडीसीआईएल को स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान उत्कृष्ट पहल के लिए मिला सम्मान 

  • भारत सरकार के सचिव (विद्युत) ने टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई को प्रदान किया सम्मान पत्र

ऋषिकेश।  विद्युत क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को 16 से 31 मई तक मनाए गए स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान उसकी अनुकरणीय पहल और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया । कार्यक्रम विद्युत मंत्रालय द्वारा जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया।

विद्युत मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में आयोजित समारोह में भारत सरकार के सचिव (विद्युत) पंकज अग्रवाल (आईएएस) ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्नोई को यह सम्मान प्रदान किया। उक्त सम्मान टीएचडीसीआईएल द्वारा अपनी सभी परियोजनाओं और इकाइयों में स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के दौरान किए गए उत्कृष्ट प्रयासों और प्रभावशाली पहलों को उजागर करता है। कार्यक्रम के दौरान विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव पीयूष सिंह (आईएएस), संयुक्त सचिव डॉ. डी साई बाबा, बलवंत सिंह, प्रबंधक (सीएमडी, सचिवालय), टीएचडीसीआईएल के साथ-साथ विद्युत मंत्रालय और टीएचडीसीआईएल के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के दौरान टीएचडीसीआईएल ने अपनी परियोजनाओं और इकाइयों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई नवीन और प्रभावशाली गतिविधियाँ शुरू कीं। संगठन ने टाउनशिप, परियोजना स्थलों और आस-पास के गाँवों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाए। साथ ही प्लास्टिक-मुक्ति अभियान और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए। स्कूलों और स्थानीय समुदायों को नुक्कड़ नाटकों, चित्रकला प्रतियोगिताओं और स्वच्छता शपथ ग्रहण समारोह के माध्यम से सक्रिय रूप से शामिल किया गया जिससे जन भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला। वृक्षारोपण अभियान ने हरियाली को और बढ़ावा दिया, जबकि रचनात्मक पहल “कचरे से खजाना” ने पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग पर जोर दिया, जिससे कचरे को मूल्यवान संसाधनों में बदला जा सके। इन प्रयासों को व्यापक सोशल मीडिया अभियानों द्वारा संपूरित किया गया, जिससे व्यापक पहुँच और दृश्यता सुनिश्चित हुई। सभी गतिविधियों को स्वच्छता समीक्षा पोर्टल पर मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार व्यवस्थित रूप से रिपोर्ट किया गया जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई।

 

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