डिप्लोमा इंजीनियर्स सचिवालय पर गरजे

 – 27 सूत्री मांगों को लेकर सचिवालय कूच
– मांगों पर कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी 
देहरादून। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर सोमवार को बड़ी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर्स ने सचिवालय कूच कर प्रदर्शन किया। साथ ही 27 सूत्री मांगों पर जल्द कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए डिप्लोमा इंजीनियर्स परेड ग्राउंड से रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया। पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर  प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया जिस पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और सड़क पर धरना देकर  सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष  आरसी शर्मा ने कहा कि 2 फरवरी से शुरू हुए प्रथम चरण के आंदोलन में 27 सूत्रीय मांगों का निराकरण न होने से सचिवालय पर प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि संघर्ष केवल वेतन-पदोन्नति का नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय का है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल जैसे कठोर फैसले लेने पड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी। महासचिव वीरेंद्र गुसाईं ने कहा कि प्रदेश के सभी अभियंता एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष करने के तैयार है। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि सामूहिक आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। महासंघ की प्रमुख  मांगों में 2006 से चली वेतन विसंगति दूर कर प्रारंभिक ग्रेड पे 4600, समयबद्ध पदोन्नति, पुरानी पेंशन बहाली, पेयजल विभागों का राजकीयकरण, फील्ड स्टाफ नियुक्ति और राजनैतिक हस्तक्षेप बंद करना आदि शामिल है।

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