इक्फाई विवि का 12वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न
- उत्कृष्ट प्रदर्शन पर 13 छात्रों को गोल्ड मेडल से नवाजा
देहरादून। इक्फाई विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में मैनेजमेंट, तकनीकी, लॉ एवं बीएड की पढ़ाई पूरी कर चुके 581 छात्र-छात्राओं को स्नातक व स्नाकोत्तर की उपाधि प्रदान की गई। उपाधि मिलने के बाद छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
बुधवार को दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डीआरडीओ के पूर्व चेयरमैन डा. जी. सतीश रेड्डी मैनेजमेंट विभाग के105
, विधि विभाग के 326, इंजीनियरिंग विभाग में 60 एवं बीएड विभाग में 90 छात्रों को उपादि प्रदान की। साथ ही उन्होंने 13 छात्रों को गोल्ड, 12 छात्रों को सिल्वर एवं 13 को ब्रान्ज मेडल से सम्मानित किया। डा. रेड्डी ने कहा कि भारत बहुत तेजी से विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में छात्रों को अपनी सोच और को अधिक विस्तृत करना चाहिए। साथ ही उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। उन्होंने कहा कि देश में चार करोड़ से ज्यादा लोग उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं जोकि कई देशों की कुल जनसंख्या से भी अधिक है। ऐसे में छात्र अपनी उन्नत सोच के जरिये भारत के भविष्य को परिवर्तित कर सकते हैं। विवि के चांसलर डा. उदय बी. देसाई ने कहा कि मौजूदा दौर में टेक्नोलाजी ने संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोले हैं, लेकिन छात्रों को टेक्नोलाजी को खुद के ऊपर हावी होने देने के बजाय टेक्नोलाजी को शासित करना चाहिए। कुलपति डा. राम करन सिंह विवि के शैक्षिक, शोध एवं सामाजिक क्षेत्र में किये गए कार्यों की जानकरी दी।
रजिस्ट्रार डा. रमेश चंद्र रमोला ने सभी का आभार जताया। दीक्षांत समारोह में विवि के विभिन्न विभागों के डायरेक्टर, डीन, प्रोफेसर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
छह शोधार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि
देहरादून। दीक्षांत समारोह में छह शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। जिसमें चार शोधार्थी टेकनोलाजी एवं एजुकेशन व कानून के एक-एक शोधार्थी शामिल थे। डा. अमित दास, डा. अमित कुमार बेरा, डा. वीरेन्द्र राणा, डा. मोहित आर्या ने इंजीनियरिंग व तकनीकी, डा. मोनिका कोठियाल ने कानून एवं डा. स्वाती रतूड़ी ने एजुकेशन के क्षेत्र में अपना शोध कार्य पूर्ण कर पीएचडी की डिग्री हासिल की।
