धाद मातृभाषा एकांश द्वारा आयोजित किया गया फूलदेई समारोह

 

देहरादून

हिम वार्ता लाइव

दिनांक 28.03.2025 को धाद मातृभाषा एकांश द्वारा मानस इंटरनेशनल स्कूल माजरी ग्रांट, डोईवाला, देहरादून में फूलदेई के अवसर पर एक भव्य आयोजन किया गया। धाद के सदस्य प्रातः ढोल दमाऊ के साथ विद्यालय में पहुंचे जहां विद्यालय के संस्थापक श्री नत्थी प्रसाद अमोली, प्रधानाचार्य श्रीमती मीनाक्षी अमोली सहित समस्त विद्यालय परिवार एवं नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा टीम का तिलक के साथ स्वागत किया गया। उसके बाद ढोल दमाऊ की थाप के साथ नन्ही नन्ही बालिकाओं द्वारा फूल डालकर समारोह का शुभारंभ किया गया। दीप प्रज्वलन के बाद विद्यालय परिवार द्वारा धाद के सभी सदस्यों का अत्यंत भावपूर्ण सम्मान शाल ओढाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। धाद सांस्कृतिक टीम द्वारा गढवाली गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम को आगे बढाया गया। बच्चों ने विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम में समां बांधा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्रीमती शांति अमोली बिंजोला ने फूलदेई का संक्षिप्त परिचय दिया। ‘एक कोना कक्षा का’ के मुख्य संयोजक गणेश उनियाल ने धाद का परिचय देते हुए धाद की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित जन समूह से आग्रह किया कि समाज को बेहतर बनाने के लिए धाद के कार्यक्रमों से जुड़ें। कोना कक्षा का कार्यक्रम को विस्तार से समझाते हुये उन्होंने बताया कि फूलदेई इस कार्यक्रम का वार्षिक आयोजन है। इसे हम पूरे एक माह तक बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के साथ मनाते हैं। इस बार भी हम दस हजार बच्चों के साथ इसे मनाने के संकल्प के साथ विभिन्न आयोजन कर रहे हैं। स्मृति वन के मुख्य संयोजक श्री बीरेन्द्र खंडूरी ने पर्यावरण के प्रति बच्चों को सजग करने के साथ ही हरेला अध्याय के अंतर्गत सामाजिक सहयोग से विकसित किये गये विभिन्न वनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमें वृक्ष लगाने के साथ ही उन्हें संरक्षित करने के लिए हर समय आगे आना चाहिए। वृक्षों के अनावश्यक कटान को रोकने के लिए भी हमें आगे आना चाहिए। कार्यक्रम में फूलदेई रचनात्मक प्रतिभाग के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। उसके उपरांत मातृभाषा गढवाली में मौखिक क्विज एवं संवाद का आयोजन किया गया ।जिसमें बच्चों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। जिसमें रक्षा बौडाई ने बच्चों के बीच जाकर उन्हे गढवाली कविता सिखाई ।विशेष उल्लेखनीय है कि बच्चों का मातृभाषा का ज्ञान

बहुत उत्तम श्रेणी का देखने को मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता धाद के संस्थापक सदस्य, कवि, गीतकार एवं शिक्षाविद श्री महेंद्र ध्यानी ‘विद्यालंकार’ द्वारा की गई। उन्होंने अपने संबोधन में धाद की चार दशक की यात्रा का विवरण रखते हुए कहा कि धाद पर्वतीय मानव संसाधन, संस्कृति एवं परिवेश के प्रति एक संवेदनशील सामाजिक संगठन है जो समय समय पर समाज हित की विभिन्न गतिविधियों को करता रहता है। हमने उत्तराखण्ड के अन्न धन को बढावा देने के लिए फंची कार्यक्रम चलाया। माल्टा मकरैण जैसे कार्यक्रम चलाकर उत्तराखण्ड के पारंपरिक फल माल्टा के समर्थन में सफल सामाजिक अभियान छेड़ा। उन्होंने शानदार कार्यक्रम के लिए विद्यालय अध्यक्ष एवं उनकी समस्त टीम का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के संस्थापक श्री नत्थी प्रसाद अमोली ने समस्त धाद टीम का आभार व्यक्त किया।उन्होंने भविष्य में भी धाद के साथ सहयोग का आश्वासन दिया। धाद सांस्कृतिक समूह द्वारा अंत में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम से सभी को झूमने के लिए मजबूर किया विशेषकर बच्चों ने खूब आनंद उठाया। इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार, बच्चे, अभिभावक एवं धाद की ओर से श्रीमती सिद्धी डोभाल, श्रीमती विनिता मैठाणी, श्रीमती श्रीमती सरिता मैंदोलिया, श्रीमती अम्बिका उनियाल, श्रीमती हेमलता उनियाल, श्रीमती कुसुम रावत, शुभम शर्मा उपस्थित रहे।

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