नारी निकेतनों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति की तैयारी… सुरक्षा व्यवस्था भी होगी कड़ी

देहरादून। देहरादून के केदारपुर स्थित राज्य नारी निकेतन में एक संवासिनी की आत्महत्या की घटना के बाद प्रदेश सरकार ने नारी निकेतनों की सुरक्षा, निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को स्वयं मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नारी निकेतन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि घटना की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मौके से ही देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से बात कर पुलिस जांच में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। घटना के बाद सरकार ने नारी निकेतनों में रहने वाली महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श सेवाओं को लेकर भी अहम पहल शुरू की है। मंत्री ने विभागीय सचिव और निदेशक को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में महिलाओं के उपचार और देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मानसिक रूप से अस्वस्थ और तनावग्रस्त संवासिनियों की नियमित देखभाल के लिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार कर जल्द कैबिनेट में रखा जाए।

मंत्री ने कहा कि नारी निकेतनों में रहने वाली कई महिलाएं मानसिक आघात, अवसाद, सामाजिक तनाव और असुरक्षा जैसी परिस्थितियों से गुजरती हैं। ऐसे में केवल सुरक्षा प्रबंध पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि संवेदनशील देखभाल, नियमित काउंसलिंग और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहयोग भी जरूरी है। सरकार का उद्देश्य है कि नारी निकेतनों को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और मानवीय वातावरण प्रदान किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

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