पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने ‘साईं सृजन पटल’ को बताया उत्तराखंड की समृद्ध धरोहर का वाहक

देहरादून: सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं पद्मश्री से सम्मानित कवि लीलाधर जगूड़ी ने सोमवार को बद्रीपुर जोगीवाला स्थित अपने आवास पर ‘साईं सृजन पटल’ मासिक पत्रिका के छठे अंक का भव्य विमोचन किया। उन्होंने पत्रिका के निरंतर प्रकाशन पर संपादकीय टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पत्रिका नवोदित लेखकों के लिए एक उत्कृष्ट मंच के रूप में उभर रही है।

 

उत्तराखंड की संस्कृति और साहित्य को समर्पित पत्रिका

जगूड़ी ने कहा कि इस पत्रिका के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पाठकों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने पत्रिका की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पूर्णतः गैर-राजनीतिक और विज्ञापन-मुक्त पत्रिका है, जो उत्तराखंड की साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए निस्वार्थ प्रयास कर रही है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पत्रिका संघर्षशील युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रमुखता से स्थान दे रही है, जिससे समाज को प्रेरणा मिलेगी।

 

संपादक मंडल का उद्देश्य

पत्रिका के मुख्य संपादक प्रो. के.एल. तलवाड़ ने कहा कि यह लघु प्रयास देवभूमि उत्तराखंड में लेखन और सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि यह पत्रिका न केवल साहित्य के क्षेत्र में बल्कि पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, आयुर्वेद, मंदिर स्थापत्य और लोकसंस्कृति पर भी गहन अध्ययन आधारित सामग्री प्रकाशित कर रही है।

 

ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक लेखों का संकलन

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.डी. जोशी ने पत्रिका की संपादकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि पत्रिका में प्रकाशित लेख सूचनात्मक, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पत्रिका आने वाले समय में और अधिक पाठकों तक पहुंचेगी और उत्तराखंड के साहित्यिक परिदृश्य में अपनी अलग पहचान बनाएगी।

 

इस अंक में क्या खास?

पत्रिका के उप-संपादक अंकित तिवारी ने बताया कि छठे अंक में धार्मिक व साहसिक पर्यटन, त्योहारों, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, फलोत्पादन, मिलेट्स, सैर-सपाटा और मंदिर शिल्प जैसे विषयों पर गहन लेख प्रकाशित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पत्रिका का यह अंक साहित्य, संस्कृति और समकालीन विषयों का सुंदर संकलन प्रस्तुत करता है।

 

 

इस अवसर पर विशेष जगूड़ी, ऋचा, अलंकृता और हेमंत उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पत्रिका के उद्देश्यों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की तथा इसके सतत प्रकाशन की कामना की।

 

उत्तराखंड के साहित्यिक मंच के रूप में नई पहचान

‘साईं सृजन पटल’ पत्रिका उत्तराखंड के उन युवा लेखकों, साहित्यकारों और शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन रही है, जो अपनी लेखनी के माध्यम से समाज और संस्कृति के लिए योगदान देना चाहते हैं। यह पत्रिका भविष्य में भी सृजनशीलता को प्रोत्साहित करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रयासरत रहेगी।

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