संवाददाता।
विजय कुमार शर्मा
डोईवाला।
16 दिसंबर 1971 का यह शौर्य दिवस को विजय दिवस को यादगार बनाने पूर्व सैनिक सोसाइटी दूधली द्वारा पंचायत घर नांगल ज्वालापुर में शहीद स्मारक में शहीदों को श्रध्दांजलि सभा का आयोजन किया।
पूर्व सैनिक सोसाइटी दूधली डोईवाला देहरादून द्वारा
पूर्व सैनिकों ने विजय दिवस पर पंचायत घर नांगल ज्वालापुर में शहीद स्मारक में श्रध्दांजलि सभा का आयोजन कर शहीदों को दी पुष्पा अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सु.मेजर राजेन्द्र प्रसाद मेरे वतन के लोगों, जो शहीद हुए हैं उनकी जरा करो कुर्बानी उन्होंने कहा कि विजय दिवस 1971 के भारत पाकिस्तान युध्द जो 13 दिन चला उसमें भारतीय सेना की जीत और पाकिस्तानी सेना की करारी हार हुई, जिसमें पाकिस्तानी सेना के 93000 सैनिकों ने ले०ज०ए के के नियाजी ने भारतीय सेना के ले० जन० जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण किया, भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य, वीरता तथा पराक्रम की यह जीत गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सुनहरे अक्षरों में अंकित है। कै० करन धामी ने कहा कि 16 दिसंबर 1971 का यह शौर्य दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस शौर्य और वीरता को याद करने का दिन है साथ ही यह ऐसी कहानी है जो कि युग युगान्तर तक इतिहास में सवर्णिम अक्षरों में लिखा रहेगा और हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा और इस दिन को और भी यादगार बनाने के लिए पुर्व सैनिक सोसाइटी दूधली डोईवाला देहरादून के पुर्व सैनिकों ने पंचायत घर नांगल ज्वाला पुर में शहीद स्मारक में श्रध्दांजलि सभा का आयोजन किया। कै० राम दत्त, सु० गोविन्द बल्लभ ने कहा कि भारत माता की पवित्र मिट्टी की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों की याद में 2 मिनट का मौन रख कर सभी पुर्व सैनिकों ने पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद किया और भारत मात की जय, देश के अमर शहिदों की जय का उद्दघोष किया। श्रद्धांजलि सभा में सु मेजर राजेन्द्र प्रसाद, कै० करन धामी, कै० हरीश जोशी, कै० राम दत्त, सु० गोविन्द बल्लभ, सु मेजर एल डी जोशी, सुबेदार एच बी थापा, हव० राजेन्द्र बोरा, हव० युव राज, ना सु० चंदर बोरा हव० सोबन सिंह, हव० मनीराम क्षैत्री( सभी पुर्व सैनिक) के साथ साथ स्थानीय नागरिकों तथा वरिष्ठ नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर श्रध्दांजलि दी।
