– रात के झगड़े की सुबह चली गोलियां, राजपुर पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा
– ZEN-Z बार सील, लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी गई
देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 वर्षीय रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर इसे रोड रेज का मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि घटना की जड़ कुठालगेट स्थित ZEN-Z बार में बिल कम कराने को लेकर हुआ विवाद था।
पुलिस के मुताबिक, 29 मार्च की रात बार में कुछ युवकों और कर्मचारियों के बीच बिल को लेकर कहासुनी हो गई थी। यह विवाद इतना बढ़ गया कि बार कर्मचारियों ने एक युवक की स्कॉर्पियो गाड़ी का पिछला शीशा तोड़ दिया। इससे नाराज युवक अपने साथियों के साथ वहां से चले गए, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अगली सुबह जब बार संचालक और कर्मचारी फॉर्च्यूनर कार से जा रहे थे, तभी दूसरी ओर से स्कॉर्पियो सवार युवकों ने उन्हें रास्ते में देख लिया। पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्षों के बीच पीछा और टकराव शुरू हो गया। मालसी क्षेत्र के पास यह विवाद अचानक फायरिंग में बदल गया, जिसमें दोनों ओर से गोलियां चलने की बात सामने आई है।
इसी दौरान सुबह की सैर पर निकले ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी, निवासी तुला अपार्टमेंट, जोहड़ी गांव, गोलीबारी की चपेट में आ गए। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के दौरान फॉर्च्यूनर कार भी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिससे उसमें सवार दो लोग घायल हो गए।
सीसीटीवी, नाकेबंदी और पूछताछ से खुली परतें
घटना के बाद एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस ने कई टीमें गठित कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज, नाकेबंदी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ीं। पूछताछ में बार कर्मचारी रोहित कुमार और मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर से अहम जानकारी मिली, जिसके बाद बार संचालक संदीप कुमार और युवक आदित्य चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देसी तमंचे (.315 बोर), चार जिंदा कारतूस, दो खोखा और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया है कि फॉर्च्यूनर सवार पक्ष की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई थी।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में शांतनु त्यागी, कविश त्यागी, समीर चौधरी और वैभव समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। मामले में धारा 103(1) BNS (हत्या) के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
बार पर प्रशासन की सख्ती
घटना के बाद पुलिस ने ZEN-Z बार को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। साथ ही उसके लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति जिलाधिकारी को भेजी गई है। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर में बढ़ती बार संस्कृति और उससे जुड़ी अराजकता पर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
छोटे विवाद से बड़ी त्रासदी
एक मामूली बिल विवाद से शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते खूनी टकराव में बदल गया और इसकी कीमत एक बेगुनाह रिटायर्ड सैन्य अधिकारी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। घटना ने शहर में बार कल्चर, नशे, अवैध हथियारों और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
