अशासकीय महाविद्यालय संगठन ने सीएम को भेजा पत्र
देहरादून। गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय से संबंद्ध अशासकीय महाविद्यालयों की महिला शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को बाल्य देखभाल अवकाश की सुविधा विशेष स्वीकृति पर ही मिलेगी। इसके चलते अशासकीय महाविद्यालयों की महिला शिक्षकों में आक्रोश है। इस संबंध में प्रान्तीय अशासकीय महाविद्यालय संगठन (पाका) ने सीएम को पत्र भेजकर उक्त आदेश का विरोध किया है।
पाका के अध्यक्ष डा. एसएस रंधावा व महासचिव डा. प्रशांत सिंह ने सरकार के आदेश को महिलाआें के अधिकारों का हनन बताया। उन्होने कहा कि पूर्व में भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार के आदेशों के अनुसार मातृत्व अवकाश महिला कर्मचारी के अधिकार के रूप में स्वीकृत था। उन्होंने कहा कि सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में महिला शिक्षकों की नियुक्ति स्थायी व चयन प्रक्रिया से होती है। इसलिए उन्हें भी सरकारी महाविद्यालयों की महिला शिक्षकों के समान अधिकार मिलना चाहिए। डीएवी (पीजी) कालेज, देहरादून एवं डीबीएस (पीजी) कालेज की महिला शिक्षकों ने अन्यायपूर्ण आदेश के खिलाफ लिखित रूप में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने रक्षा बंधन पर्व पर पाका के बैनर तले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर महाविद्यालयों की शिक्षक बहनों के अधिकारों की रक्षा करने एवं उक्त आदेश वापस लेने की मांग की।