कानून व्यवस्था को सरकार को बताया फेल
देहरादून। राज्य में कानून व्यवस्था, बढ़ती आपराधिक घटनाओं और सरकार की नीतियों के विरोध में सोमवार को हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर हुंकार भरी। राजभवन कूच से पहले परेड ग्राउंड में आयोजित सभा में कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर तीखे हमले किए और कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को पूरी तरह फेल करार दिया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डा हरक सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य में बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आए दिन हो रही हत्याओं और आपराधिक वारदातों से आमजन में भय का माहौल है और लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार विकास और जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय समाज में विभाजन और नफरत की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की नीतियां निराशाजनक साबित हुई हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर कूच किया। हाथीबड़कला क्षेत्र में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़ कर फांदने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की व जोर आजमाइश हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर प्रदर्शनकारियों को वहीं रोक दिया। बाद में कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को भेजकर सरकार को आवश्यक निर्देश देने की मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सरकार पर कांग्रेस के पोस्टर-बैनरों को जबरन उतरवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस के आंदोलन से घबरा गई है।
प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, वरिष्ठ प्रवक्ता गरिमा दसौनी, महानगर अध्यक्ष डा जसविंदर सिंह गोगी समेत अनेक पदाधिकारी, विधायक, पूर्व मंत्री समेत हजारों कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शन के चलते आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ।
