राहु-मंगल का षडाष्‍टक योग बेहद खतरनाक, कुछ राशियों के लोगों को बेहद सावधान रहना होगा: आचार्य दैवज्ञ।

 

 

 

देहरादून। राहु ग्रह 18 महीने की लंबी अवधि के बाद राशि परिवर्तन करके कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। राहु का यह गोचर 18 मई को शाम के 5 बजकर 8 मिनट पर होगा, इस परिवर्तन से कुछ राशि के लोगों को बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है।

 

*उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है ,कि राहु के इस गोचर के समय मंगल कर्क राशि में उपस्थित रहेंगे और राहु के साथ षडाष्‍टक योग बनाएंगे। ज्‍योतिष शास्त्र के अनुसार जब 2 ग्रह एक-दूसरे से छठवें और आठवें स्‍थान पर होते हैं तो षडाष्‍टक योग बनता है। यह योग बहुत ही खतरनाक माना जाता है। और इससे लोगों के जीवन में उलझनें बढ़ने लगती हैं। षडाष्‍टक योग का प्रभाव 18 मई से 7 जून तक रहेगा ।*

 

सटीक भविष्यवाणियों के लिए अंतरराष्ट्रीय जगत में चर्चित आचार्य दैवज्ञ सचेत करते हुए कहते हैं कि यद्यपि सौरमंडल की इस महत्वपूर्ण गतिविधि का असर सभी राशियों के लोगों पर पड़ेगा परंतु इसके अशुभ प्रभाव से कर्क और कुंभ सहित 5 राशियों को अपने जीवन में अचानक से कई समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक तनाव, उलझन, रिश्‍तों में उलझन और खराब स्‍वास्‍थ्‍य के साथ ही आर्थिक समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। कर्क और कुंभ सहित 5 राशियों के लोगों को हर काम में सावधानी बरतने की सलाह है।

 

*राहु-मंगल षडाष्‍टक योग का वृषभ राशि पर प्रभाव*।

 

वृषभ राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर मिलाजुला फल देगा। कार्यक्षेत्र में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। राहु शॉर्टकट लेने के लिए प्रेरित करेगा। काम को जल्दी पूरा करने के लिए शॉर्टकट का इस्तेमाल करेंगे। इससे गलतियां होने की संभावना बढ़ जाएगी। इसलिए जल्दबाजी में काम करने से बचना चाहिए। अपना काम दूसरों को सौंपने से बचना चाहिए। ऐसा करने से कार्यक्षेत्र में परेशानी हो सकती है। आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। अपने सभी कार्यों को जल्दी और प्रभावी ढंग से पूरा करेंगे। जो काम दूसरों को मुश्किल लगता है, उसे आसानी से कर लेंगे। पारिवारिक जीवन में कुछ परेशानियां बनी रहेंगी।

 

*राहु-मंगल षडाष्‍टक योग का कर्क राशि पर प्रभाव*

 

कर्क राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर आठवें भाव में होगा। आठवां भाव मृत्यु और परिवर्तन का भाव है। इस भाव में राहु का गोचर इनके लिए कुछ मामलों में अशुभ हो सकता है। सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। राहु के गोचर के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। संक्रमण या खराब खान-पान के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। किसी कुशल और जानकार ज्योतिषी से सलाह लेने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से भविष्य में किसी गंभीर बीमारी से बच सकते हैं। अपने ससुराल वालों के काम में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस दौरान शेयर बाजार में निवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है।

 

*राहु-मंगल षडाष्‍टक योग का कुंभ राशि पर प्रभाव*

 

कुंभ राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर बहुत ही अटपटा रहने वाला है। राहु राशि से पहले भाव में गोचर करेगा। पहला भाव व्यक्तित्व और स्वभाव का भाव होता है। इस गोचर का सोचने और समझने की क्षमता पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ेगा निर्णय लेने की क्षमता में भी बदलाव आएगा। कई बार बिना सोचे-समझे निर्णय लेंगे। इससे बाद में पछताना पड़ सकता है। राहु दिमाग और सोच को प्रभावित करेगा। हर काम को जल्दबाजी में करेंगे। इससे गलतियां होने की संभावना बढ़ जाएगी। तत्काल ज्योतिष सलाह लेते हुए अपने जीवनसाथी पर ध्यान केंद्रित करने और उनके साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाने के लिए काम करने की सलाह दी जाती है।

 

*राहु-मंगल षडाष्‍टक योग का वृश्चिक राशि पर प्रभाव*

 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर 2025 चौथे भाव में होगा। चौथा भाव सुख और माता का भाव होता है। राहु का गोचर इनके लिए बहुत शुभ नहीं रहेगा। इस गोचर के कारण पारिवारिक जीवन में असंतुलन पैदा हो सकता है। परिवार में आपसी तालमेल की कमी हो सकती है। परिवार के सदस्यों के बीच दूरियां बढ़ सकती हैं। आपको अपने परिवार के सदस्यों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। यदि इस समय किराए के घर में रहते हैं, तो आपको आनंद मिलेगा। इधर-उधर कई कामों में व्यस्त रहेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी में काम करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। छाती में संक्रमण या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

 

*राहु-मंगल षडाष्‍टक योग का सिंह राशि पर प्रभाव*

 

सिंह राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर 2025 सातवें भाव में होगा। सातवां भाव विवाह और साझेदारी का भाव होता है। राहु का गोचर इनके लिए मिलाजुला फल देगा। अपने वैवाहिक जीवन का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इस दौरान आपके और आपके जीवनसाथी के बीच गलतफहमी हो सकती है। अपने जीवनसाथी से सच बोलने और कुछ भी छिपाने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आप दोनों किसी बात पर असहमत हैं, तो बैठकर बात करके मामले को सुलझाने की कोशिश करें। अपने व्यवसाय पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। अंतरराष्ट्रीय माध्यमों और व्यक्तियों से व्यावसायिक सहायता मिल सकती है।

 

*ज्योतिष शास्त्र के सटीक परामर्शदाता आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” ने कहां है कि जिस प्रकार छाता रखने से हम बारिश को तो नहीं रोक सकते हैं परंतु हम बारिश से बच जाते हैं, ठीक उसी प्रकार ज्योतिष के उपायों से जो होनी होती है ,वह नहीं टलती है, परंतु हम समस्याओं से बच जाते हैं।*

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