- ग्राफिक एरा में उत्तरागम फैशन शो आयोजित
- छात्र-छात्राओं ने सीखे हस्तशिल्प के गुर
देहरादून। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के फैशन डिजाइन डिपार्टमेंट और आल इंडिया आर्टिशन एंड क्राफ्टवर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से उत्तरागम फैशन शो का आयोजन किया गया। फैशन शो में देशभर की जनजातीय कलाआें, बुनावटों, हस्तशिल्प परंपराओं और समकालीन फैशन का अद्भुत संगम एक ही मंच पर देखने को मिला।ग्राफिक एरा के फैशन शो में छात्र-छात्राओं ने जनजातीय कलाओं से प्रेरित विशिष्ट कलेक्शनों को रैंप पर माडर्न अंदाज में प्रस्तुत किया। भोटिया संग्रह ने हिमालय की ऊंचाइयों से प्रेरित ऊनी परिधानों के माध्यम से उत्तराखंड की दृढ़ता और सरलता को दर्शाया। वहीं बोडो कलेक्शन ने असम की एरी सिल्क बुनाई और पारिस्थितिकी सौंदर्य को आधुनिक फैशन की भाषा में अनुवादित किया। वार्ली कला संग्रह ने महाराष्ट्र की लोक चित्र परंपरा को माडर्न फैब्रिक पर हाथों से उकेरते हुए सादगी में गहराई का संदेश दिया। कुल्लू बुनावट संग्रह ने हिमाचल की ऊनी गर्माहट और ज्यामितीय पैटर्न को समकालीन सौंदर्य से जोड़ा। दक्षिण भारत की टोडा कड़ाई से सजा संग्रह अपने सूक्ष्म हस्तशिल्प और जीआई टैग वाली कला की सटीकता से प्रभावित कर गया। वहीं जौनसार कलेक्शन ने उत्तराखंड की लोक पहनावे की परंपरा को आधुनिक सिल्हूट्स में डालकर सांस्कृतिक गर्व का एहसास कराया।
इस दौरान टीम ब्राह्मस के गढ़वाली लोकगीतों, टीम देवस्थली के रम्माण नृत्य से राज्य की पारंपरिक लोक कला को सजीव किया। वहीं हनुमान चालीसा पर भरतनाट्यम प्रस्तुति में प्रभावशाली भावभंगिमा और ऊर्जा देखने को मिली। इस दौरान जनजातीय शिल्पकारों ने स्कूली बच्चों को हस्तशिल्प के गुर सिखाए। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल, सेंट पॉल स्कूल और शिवालिक स्कूल के लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने मध्य प्रदेश की गोंड पेंटिंग और छत्तीसगढ की सोहराई पेंटिंग की तकनीकों को सीखा। इस मौके पर कुलपति डा. अमित आर, भट्ट, फैशन डिजाइन डिपार्टमेंट की हेड डा. ज्योति छाबड़ा, आइका की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मीनू चोपड़ा, आइका की गवर्निंग बाडी सदस्य डा. मधुरा दत्ता, शिल्प कान्सेप्ट के सह संस्थापक राजेश जैन, श्रद्धा शुक्ला, अमृत दास समेत अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विपुल तिवारी व विशाल छाबड़ा ने किया।