लेखक गांव में जुटेंगे 60 देशों के साहित्य एवं कला जगत की विभूतियां

साहित्य, संस्कृति और कला का वैश्विक उत्सव है हिमालय महोत्सवः डॉ. निशंक

तीन नवम्बर से लेखक गांव में होगा महोत्सव

 

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की वादियों में स्थित भारत का प्रथम “लेखक गाँव” आगामी तीन से पांच नवम्बर तक एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। इस अवधि में यहाँ 60 देशों के साहित्य, संस्कृति एवं कला जगत की विभूतियां विभिन्न विषयों पर मंथन करेंगी।

यह तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के संरक्षण/मार्गदर्शन एवं स्पर्श हिमालय फाउंडेशन के तत्वावधान में लेखक गांव में संपन्न होगा।तीन  नवम्बर को महोत्सव का उद्घाटन कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन सत्र मे “भारतीय साहित्य, संस्कृति और कला का वैश्विक विस्तार” विषय पर  देश-विदेश से आए साहित्यकार और विद्वान भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा पर अपने विचार साझा करेंगे। सुप्रसिद्व गायक पद्मश्री कैलाश खेर सहित अनेक विभूतियां कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगे। इसी शाम नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण एवं अनुसंधान विज्ञान संस्थान द्वारा विशेष आयोजन होगा जहाँ प्रतिभागी हिमालय की गोद में खुले आकाश तले तारामंडल के अद्भुत नजारों का आनंद लेंगे। यह कार्यक्रम विज्ञान, संस्कृति और प्रकृति के अनोखे संगम का अनुभव कराएगा।
चार नवम्बर को महोत्सव में मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन, केंद्रीय संसदीय कार्य एवं संस्कृति मंत्री  अर्जुन राम मेघवाल तथा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति रहेगी। इस दिन का केंद्र “हिंदी को विश्वभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने का संकल्प”, “भारतीयता का सांस्कृतिक दर्शन” और “नवोदित लेखकों की नई दृष्टि” पर केन्द्रित रहेगा। युवा रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए विशेष मंच प्रदान किया जाएगा। शाम को दून सांस्कृतिक स्कूल, झाझरा (देहरादून) के आदिवासी छात्र-छात्राएँ अपने लोकनृत्य और पारंपरिक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे।

पांच  नवम्बर को महोत्सव का समापन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी तथा उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, पर्यावरण और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। समापन दिवस पर आयोजित कला सत्र में पद्मभूषण सुप्रसिद्ध चित्रकार  जतीन दास, ख्यात छायाकार  त्रिलोक कपूर और बहुआयामी कलाकार आदित्य नारायण शिरकत करेंगे।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत सरकार में पूर्व शिक्षा मंत्री एवं लेखक गांव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि “स्पर्श हिमालय महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा, संस्कृति और सृजन का वैश्विक उत्सव है। हमारा उद्देश्य है कि भारतीय साहित्य, संस्कृति और कला की यह दिव्य ज्योति विश्व के कोने-कोने तक पहुँचे, हिंदी विश्व पटल पर प्रतिष्ठित हो, और नवोदित लेखकों को सृजन का सशक्त मंच मिले।

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