लोक गीत व नृत्य से उत्तराखंड की लोक परम्पराओं को किया जीवंत

  • पुस्तक मेले बाल गतिविधियां रही आकर्षण का केन्द्र

देहरादून। राज्य स्थापना रजत जयन्ती समारोह के अंतर्गत दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में दूसरे दिन विभिन्न रोचक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं पुस्तक मेले में बाल गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
रविवार को दूसरे दिन भी पुस्तक मेले पुस्तकों की खरीददारी हुई। इस दौरान बाल गतिविधियों के तहत आयोजित कार्यक्रम में बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और लोक संस्कृति के प्रति लगाव देखने को मिला। नन्हें कलाकारों ने अपने हुनर से सभी का दिल जीत लिया। उत्तराखंड टैलेंट शो में बच्चों ने लोक गीत, लोक नृत्य, पारंपरिक परिधान और लोक कथाओं पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। चार से छह वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों ने लोक नृत्य और पारंपरिक परिधाान प्रदर्शन में भाग लिया, जबकि सात से 10 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों ने लोक गीत, लोक नृत्य, लोक कहानियां, कविता एवं पारंपरिक परिधान प्रदर्शन के माध्यम से उत्तराखंड की परंपराओं को जीवंत किया। प्रतिभागियों ने एकल, युगल और समूह प्रस्तुतियों के जरिये अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 10 प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया जिसमें प्रथम पुरस्कार निमिषा सिंह, द्वितीय पुरस्कार कुशाग्र डोभाल, तृतीय पुरस्कार अरुण्या तोमर को मिला। इसके अलावा समूह प्रस्तुति से सभी का दिल जीतने वाले आसरा ट्रस्ट और रैफेल राइडर समूह को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। दोनों समूहों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। निर्णायक मंडल में दीपाक्षी गुसाईं, जोहरा निजामी और कल्पना बहुगुणा शामिल रहीं।
आयोजन को सफल बनाने में मेघा एन विल्सन, उत्कर्ष रावत, सुमन भारद्वाज, जयभगवान गोयल, मीनाक्षी कुकरेती, स्वीटी, शकुन्तला, शैलेंद्र सिंह रौतेला, सुंदर सिंह बिष्ट, राकेश कुमार, विजय बहादुर, पंकज शर्मा का योगदान रहा। संचालन मधु डंगवाल ने किया।

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