26 फरवरी 2024।
डोईवाला। संवाददाता। विजय कुमार शर्मा,
डोईवाला।
डोईवाला 26 फरवरी 2024
संयुक्त किसान मोर्चा केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा ने डोईवाला नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर रैली निकाल केंद्र सरकार व विश्व व्यापार संगठन(WTO )का फूंका पुतला फूंक किया विरोध,
सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर डोईवाला मैं संयुक्त किसान मोर्चा ने जुड़े किसान डोईवाला गन्ना किसान समिति पर एकत्रित हुए जहां उन्होंने आंदोलन में शहीद हुए किसान शुभकरण सिंह की शहादत को याद करते हुए उसके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर सभी किसानों ने 2 मिनट का मौन रखते हुए श्रद्धांजलि दी और उसके उपरांत संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह, किसान सभा मंडल अध्यक्ष बलवीर सिंह, उपाध्यक्ष जाहिद अंजुम, मंडल सचिव याकूब अली, कृषक फेडरेशन के अध्यक्ष उमेद बोरा, गुरनाम सिंह, किसान यूनियन के नेता हरेंद्र बालियान, रणवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में ट्रैक्टर एवं मोटर वाहन के साथ केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों, विश्व व्यापार संगठन(डब्ल्यूटीओ) के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए भानियावाला नेशनल हाईवे पर रैली नुन्नावाला गुरुद्वारा तक पहुंची जहां पर रैली की सभा में डोईवाला संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह ने कहा किसानों को हमेशा अपने हकों के लिए आंदोलन करना पड़ता है उसके बावजूद केंद्र की हीटलर सरकार किसानों की मांग पर कोई विचार करने को तैयार नहीं और 13 दिन हो चुके हैं पंजाब और हरियाणा का किसान दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहा है जहां उन्हें रोकने के लिए हरियाणा व केंद्र सरकार द्वारा तरह-तरह के हथकंडे बनाए जा रहे हैं यही नहीं हरियाणा सरकार के द्वारा निहत्थे किसानों पर गोलियां बरसाई गई जिसमें एक किसान के बहादुर बेटे शुभकरण सिंह की शहादत हो गई। इसलिए आज पूरा देश का किसान शहीद शुभकरण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए देश भर के हाईवे पर ट्रैक्टर रैली करने के लिए मजबूर है परंतु केंद्र की बहरी गूंगी सरकार के कान पर जूँ तक नहीं रेंगती। किसान नेता एवं कांग्रेस पार्टी के परवादून जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल एवं प्रदेश सचिव सागर मनवाल ने कहा कि ऐसी सरकार जो किसानों पर गोलियां चलाए उन्हें सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्होंने कहा कि किसान के दम पर जो लोग सत्ता तक पहुंचते हैं वहीं आज किसानों का दमन कर रहे हैं जहां एक और यह कॉर्पोरेट परस्त सरकार पूंजीपतियों के अरबो रुपए माफ कर देती है वहीं किसानों को सिर्फ न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अखिल भारतीय किसान सभा डोईवाला मंडल के अध्यक्ष बलवीर सिंह व मंडल उपाध्यक्ष जाहिद अंजुम ने कहा आज का ये आंदोलन शहीद शुभ करण सिंह क़ो समर्पित है जिसने किसानो की मांगो को लेकर हरियाणा के बॉर्डर पर अपनी जान निछावर कर दी हमें उसकी शहादत को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा शुभकरण की शहादत और बलिदान हमेशा किसानों को आंदोलन के लिए प्रेरित करता रहेगा। किसानों को किसान यूनियन के नेता हरेंद्र बालियान एवं चौधरी रणबीर सिंह व सरदार इंद्रजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों पर कॉर्पोरेट परस्त नीतियों को थोपना चाहती है ताकि देश का किसान और मजदूर कमजोर हो और पूंजीपतियों की तिजोरियों को भरा जा सके ताकि सरकार उसे आर्थिक लाभ उठा सके। उन्होंने कहा है कि देश के किसान ने हमेशा अपनी शहादते देकर आंदोलन को जीता है और आगे भी जीतेगा उसके लिए चाहे कोई भी कुर्बानी क्यों ना देनी पड़े।
कृषक फेडरेशन के अध्यक्ष उमेद बोरा एवं अखिल भारतीय किसान सभा जिला उपाध्यक्ष याकूब अली, व मजदूर यूनियन के नेता जगदीश कुकरेती ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा देश में विश्व व्यापार संगठन (WTO ) की नीतियों को थोपना चाहती है जो देश की कृषि नीति के लिए बहुत नुकसानदेह है। इसलिए आज पूरे देश के अंदर संयुक्त किसान मोर्चा सहित तमाम संगठनों के लोग एम एस पी की मांग सहित किसानों की अन्य मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर है और विश्व व्यापार संगठन (W T O ) का देश भर के हाईवे पर ट्रैक्टर रैली निकालते हुए विरोध किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फुरकान अहमद कुरेशी, एवं किसान नेता बुद्धि सिंह सेमवाल ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि आज देश में चल रहे किसान आंदोलन से फिर साबित हो गया की वर्तमान केंद्र की सरकार किसानों एवं मजदूर वह छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा करने के लिए फेल हो चुकी है। और उसकी नीतियां किसानों मजदूरों एवं छोटे व्यापारियों के खिलाफ एवं पूंजी पतियों के लिए बनी है। जो देश के लिए घातक सिद्ध हो रही है, केंद्र सरकार एवं विश्व व्यापार संगठन डब्ल्यूटीओ का विरोध करते हुए उसका पुतला फूंका और नजरे आतिश किया। ट्रैक्टर रैली में किसान नेता सुरेंद्र सिंह, आशीष कुमार, गुरनाम सिंह, धर्मानंद लाखेड़ा, सरदार करनैल सिंह, अनूप कुमार पाल, बलवीर सिंह बिंदा, प्रेम सिंह पाल, गुरदीप सिंह, हरबंस सिंह, गुरचरण सिंह, करनैल सिंह, मोहम्मद असलम, जगजीत सिंह, लखबीर सिंह, गुरपाल सिंह, गुरविंदर सिंह, भगवान सिंह, चतर सिंह, अनूप नेगी, जगीर सिंह, रविंद्र कुमार, पुनीत कुमार अयूब हसन, आकिब हसन, चाँद, पुनीत कुमार, परमजीत सिंह, सतीश धौलाखंडी, गुरपाल सिंह शाहिद किसान उपस्थित थे।