सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल के निरीक्षण के दौरान सख्त लहजे से सभी विभागों के बोर्ड बनने लगे हैं संस्कृत भाषा में।

 

गोपेश्वर। एक कहावत है *बिना गुरु अंधेरी रात* और यह कहावत आजकल चमोली जनपद में सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल के भ्रमण कार्यक्रम से शत प्रतिशत चरितार्थ हो रही है।

 

दरअसल 7 फरवरी 2024 को उत्तराखंड की मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने समस्तजिलाधिकारियों के लिए एक आदेश निकाला था, कि उत्तराखंड सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभागों के नाम के बोर्ड राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत में भी लगाए जाने हैं, इस आधार पर संस्कृत शिक्षा के सचिव दीपक कुमार ने अपने विभागीय अधिकारियों से इसकी मॉनीटरिंग करने के लिए कहा। विभागीय अधिकारियों निदेशक, उपनिदेशक सहायक निदेशकों ने सभी जनपदों में इसके लिए संपर्क किया और जिलाधिकारियो ने नोडल अधिकारी भी बना दिए परंतु कुछ विभाग इसमें लापरवाही करते रहे।

*विद्वान एवं कड़क छवि रखने वाले सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल 20 मार्च से 28 मार्च तक चमोली जनपद के भ्रमण पर आए तो उन्होंने रास्ते से ही विभिन्न विभागों का निरीक्षण भी शुरू कर दिया इस श्रृंखला में वह गोपेश्वर में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में पहुंचे वहां पर संस्कृत का बोर्ड न देखकर उन्होंने अधीक्षण अभियंता से सख्त लहजे में बातचीत की, उनके ज्योतिषीय ज्ञान का कायल हुए अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार ने तत्काल दूसरे दिन विभाग का नाम संस्कृत भाषा में लिखवा कर सहायक निदेशक के व्हाट्सएप पर भेज दिया 

इस संदर्भ में संपर्क करने पर सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रयासाद घिल्डियाल ने समाचार की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी भी उन्होंने जिन विभागों में बोर्ड संस्कृत भाषा में नहीं लिखे गए हैं, उनसे कहा है *कि जब वह दूसरी बार जनपद के दौरे पर आएंगे तो तब तक बोर्ड संस्कृत भाषा में लिखे होने चाहिए अन्यथा जिलाधिकारी के माध्यम से सख्त कार्यवाही की जाएगी ।*

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