- भारत और नेपाल के लोगों ने मनाया स्वतंत्रता दिवस
- धराली आपदा में जान गवाने वाले लोगों को दी श्रद्धांजलि
देहरादून। हिमालय के एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत और नेपाल के नागरिकों ने संयुक्त रूप से स्वतंत्रता दिवस मनाया। भारत और नेपाल के 100 से ज़्यादा नागरिक एवरेस्ट बेस कैंप में एकत्रित हुए एवं दुनिया की सबसे ऊँची चोटी की छाया में अपना तिरंगा लहराया।
एवरेस्ट बेस कैंप में उत्तराखंड के हाई फाइव एडवेंचर संस्था द्वारा ट्रैकिंग के दौरान लोगों को प्रदूषण न फैलाने का संदेश दिया गया। हाई फाइव एडवेंचर संस्था के डायरेक्टर टेकू थापा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इससे हिमालय के ग्लेशियरों एवं बर्फीले पहाड़ों पर बहुत से परिवर्तन देखा जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर भारत और नेपाल के नागरिकों के साथ मिलकर विश्व में दे रहे हैं कि हिमालय के ट्रैकिंग पर आए तो जलवायु परिवर्तन का बहुत ध्यान रखना है। अपने साथ कोई भी ऐसी वस्तुओं को न लाएं जिससे प्रदूषण बढ़े। हाई फाइव एडवेंचर संस्था के संस्थापक नरबीन मगर ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच बेटी- रोटी का संबंध है। एडवेंचर ट्रैवल एवं टूरिज्म के क्षेत्र में भी उत्तराखंड और नेपाल के बीच बहुत अच्छा कारोबार चल रहा है। हिमालय के एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत और नेपाल के लोगों ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में आए आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति मौन रखा एवं उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम देहरादून से टेकू थापा, सूरज थापा, सरिता थापा, तन्नु शर्मा, स्नेहा जैन, प्रसाद नायर, संयुक्ता पैनूरकर, सूरज मोहंती, तरुण शर्मा, नरेंद्र कुमार, डॉक्टर माधुरी जैन, लीना जैन, नाजिन, अविन बाबु और नेपाल से शर्मिला मगर, बिस्वास आले मगर, गाइड सिद्धार्थ समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
