संवाददाता। विजय कुमार शर्मा,
डोईवाला।
प्रदेश के मुख्यमंत्री निर्देशों और जिलाधिकारी के आदेशों पर नगर पालिका परिषद् डोईवाला द्वारा
नगर के विभिन्न चौक-चौराहो पर कड़ाके की ठंड बढ़ते ही अलाव की व्यवस्था की, जनता पर पालिका द्वारा अलाव की व्यवस्था नाम मात्र पढ़ रही भारी।
प्रदेश में बढ़ती शीतलहर व ठंड को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों पर नगर निगम, पालिकाओं, नगर पंचायतों में ठंड से बचाव को जिलाधिकारी के आदेशों पर डोईवाला नगर पालिका परिषद् के प्रशासक एवं डोईवाला उपजिलाधिकारी द्वारा नगर के विभिन्न चौक-चौराहो पर अलाव जलाने के निर्देश दिए परन्तु पालिका की अलाव की व्यवस्था नाम मात्र जनता पर पढ़ रही भारी है वहीं दूसरी तरफ ठंड बढ़ने के बाद भी नगर पालिका के जिम्मेदारों को इस ठंड का कोई अहसास नहीं है इसके चलते नगर पालिका की तरफ से नगर के विभिन्न चौक-चौराहो एवं सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था को
रात्रि 8 बजे देखने को मिला डोईवाला चीनी मिल के मुख्य चौक पर नगर पालिका परिषद् डोईवाला द्वारा अलाव की व्यवस्था की जिसमें पालिका के कर्मचारियों द्वारा अलाव को जलाने का कार्य किया और उसके उपरांत वह जलाते अलाव की विडियो और फोटो खींचते हैं वह वहां से चलें जाते है लेकिन उक्त जलाते अलाव को दुबारा देखने की जिम्मेदारी पालिका के किसी अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा जहमत तक नहीं उठाई जाती है जिसकी लापरवाही जनता को भारी पड़ रही है, क्योंकि नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा नगर के विभिन्न चौक चोराहे पर जलते अलाव कुछ देर बाद ही ठंडे पड़ जाते हैं जिसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि नगर पालिका परिषद द्वारा विभिन्न चौक चौराहों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ी की व्यवस्था की जाती है वह भी गिली लकड़ियां होती जिससे अलाव नहीं जलते हैं नगर पालिका परिषद् डोईवाला द्वारा नगर के विभिन्न चौक-चौराहो पर अलाव जलाने की व्यवस्था नाम मात्र की सिर्फ खाना पूर्ति की जा रही है क्षेत्रवासियों का कहना कि पालिका द्वारा ऐसे अलाव जलाने से क्या फायदा है जिसका राहगीरों को को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है, वही नगर पालिका परिषद् डोईवाला द्वारा नगर के विभिन्न चौक चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था को लेकर पालिका के अधिकारियों द्वारा मीडिया के माध्यम से मुख्य रूप से प्रचार प्रसार किया जा रहा है उसमें बड़ी महारथ हासिल है लेकिन अलाव जलाने का कार्य जनहित में धरातल पर नहीं है, यह है पालिका के अधिकारियों की लापरवाही जनता पर पड़ रही है भारी,