हरेला संस्कृति और प्रकृति के बीच संबंध का प्रतीक: डा. घिल्डियाल

  • श्रीशिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय में पौधा रोपण


देहरादून। श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय में हरेला पर्व सप्ताह के तहत पौध रोपण किया गया। इस मौके पर संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा कि हरेला पर्व भारतीय संस्कृति और प्रकृति के बीच युगों से गहरे संबंध का प्रतीक है। इसलिए हरेला पर्व को मनाने से प्रकृति के साथ—साथ अपनी संस्कृति की भी रक्षा का संदेश देते हैं।


मंगलवार को हरेला सप्ताह के तहत प्रीतम रोड स्थित महाविद्यालय परिसर में आंवला, अनार समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। बतौर मुख्य अतिथि सहायक निदेशक डा. घिल्डियाल ने कहा कि पौध रोपण पर्यावरण संतुलन के साथ—साथ सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को हरेला सप्ताह के तहत अपने घरों एवं कार्य स्थलों पर फलदार व छायादार पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण की भी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेना चाहिए। अभियान में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राआें के साथरोटरी क्लब की मनोवैज्ञानिक डा. दिव्या, प्राचार्य डा. मनीषा भंडारी, प्रो. मुकेश खंडूरी, डा. आसाराम मैठाणी, रितु कौशिक, सुरेंद्र सिंह नपलचयाल, मंगल सिंह भंडारी, चंद्रकांत मैठाणी समेत अनेक लोग मौजूद थे।

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