- प्रो. डोबरियाल ने मत्स्य पालन, पारिस्थितिकी और शोध की गहराइयों को किया उजागर
देहरादून। डीएवी (पीजी) कॉलेज, देहरादून के जन्तु विज्ञान विभाग में सोमवार को सत्र 2025-26 की व्याख्यान माला का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनूप कुमार डोबरियाल ने “मत्स्य पालन में नवाचार और पारिस्थितिक संतुलन” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
प्रो. डोबरियाल ने मछलियों के वैज्ञानिक, सामाजिक और पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मछलियां न केवल मानव जीवन में पोषण का स्रोत हैं, बल्कि जल पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने मत्स्य पालन से जुड़े शोध, नवाचारों और संभावनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. कौशल कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को शोध की ओर प्रेरित करने के लिए ऐसे व्याख्यान अत्यंत लाभकारी हैं। जन्तु विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. शशि किरण सोलंकी ने प्रो. डोबरियाल के शोध कार्यों और उपलब्धियों का परिचय छात्रों से कराया।
इस अवसर पर डॉ. जेवीएस रौथान, डॉ. सुजाता गुप्ता, डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. मनमोहन जुवाठा सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिव्या नेगी, मेधा गोस्वामी, अपूर्वा, अर्चना, मानसी, पूर्णिमा गर्ग, सागर, निधि सहित अनेक छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार ने किया।
