- छात्र संघ चुनाव घोषित न होने पर एनएसयूआई कार्यकर्ता भड़के
- सरकार पर लगाया छात्रों के लोकतांत्रितक अधिकारों के हनन का आरोप
देहरादून। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने प्रदेश में छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित न होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सचिवालय कूच कर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
शनिवार को पिछले दो साल से छात्रसंघ चुनाव न होने पर गुस्साए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से सचिवालय के लिए कूच किया। पुलिस द्वारा सचिववालय से पहले बेरेकेडिंग लगाकर रोके जाने पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सरकार को जमकर खरीखोटी सुनाई। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बेरेकेडिंग फांदकर आगे बढऩे का प्रयास किया जिस पर पुलिस व एनएसयूआई के बीच नोंकझोंक व धक्कामुक्की भी हुई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण महारा ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। यदि छात्रों को ही अपनी आवाज उठाने का हक नहीं दिया जाएगा, तो आने वाली पीढियों में लोकतंत्र के प्रति आस्था कैसे पैदा होगी। एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी सौरभ यादव कहा कि जल्द चुनाव की घोषणा न होने पर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि कांग्रेस ने कहा कि सरकार चुनाव न कराकर युवाओं की आवाज को दबा रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई छात्रसंघ चुनाव की नहीं बल्कि लोकतंत्र को बचाने की लडई लड़ रही है। उन्होंने 15 दिन के भीतर चुनाव की तिथि घोषित न होने पर प्रदेश में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों में राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप तोमर, अंकित बिष्ट, जिलाध्यक्ष कमलेश गरिया, अमित बिष्ट ,आशीष चौधरी, महानगर अध्यक्ष हिमांशु रावत, डीएवी के छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, पुनीत राज, हन्नी कुमार, मुकेश बसेरा आदि शामिले थे।