भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक विषयों के साथ जोडऩे का आह्वान

  • एसजीआरआर विवि में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर पैनल चर्चा


देहरादून। एसजीआरआर विश्वविद्यालय ने पटेल नगर कैंपस में भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) और विभिन्न विषयों में इसकी प्रासंगिकता पर पैनल चर्चा का आयोजन किया। पैनल चर्चा में भारत की सभ्यतागत धरोहर को उजागर करने के साथ ही आधुनिक शिक्षा एवं शोध में देशी ज्ञान के समावेशन के महत्व को रेखांकित किया गया।


मंगलवार को आयोजित पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि देशी ज्ञान आधुनिक चुनौतियों के लिए नवाचारी और संदर्भ-विशिष्ट समाधान प्रदान कर सकता है। साथ ही भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में मदद करता है। सत्र के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डा. ओमनारायण तिवारी बताया कि भारतीय ज्ञान प्रणाली कैसे समाज को सतत और समावेशी भविष्य की ओर मार्गदर्शन कर सकती है। चर्चा में विशेषज्ञों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान और मानविकी, अर्थशास्त्र और वाणिज्य, पर्यावरण अध्ययन और कृषि, कला और साहित्य आदि विषयों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। रजिस्ट्रार डा. लोकेश गंभीर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. मालविका सती कंडपाल ने भी विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम का समन्वय एनईपी कोआर्डिनेटर डा. मनीष देव और सारथी कोआर्डिनेटर आयुषी अहलुवालिया ने किया। साथ ही सारथी छात्र प्रतिनिधि कृष्णादित्य बिष्ट, सुरेश ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया। कार्यक्रम का समापन भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक विषयों के साथ जोडने के सामूहिक आह्वान के साथ हुआ, ताकि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन बना रहे और प्राचीन ज्ञान भविष्य की प्रगति का मार्गदर्शन कर सके।

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