छात्रों ने सीखे एफटेक, सीडीएस व जज एडवोकेट बनने के गुर

  • लॉ कालेज में सशस्त्र सेनाओं में प्रवेश पर कार्यशाला आयोजित

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कालेज में भारतीय सशस्त्र सेनाओं की विभिन्न शाखाओं में प्रवेश को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञो ने छात्रों को एफकेट, सीडीएस व जज एडवोकेट बनने के गुर सिखाये।

शनिवार को कार्यशाला में भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन संदीप मोहन ने अपनी प्रस्तुति एसएसबी ओरियटेंशन से शुरू की। उन्होंने कहा कि एसएसबी नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व और सशस्त्र बलों के लिए उपयुक्तता का व्यापक मूल्यांकन करता है। सफलता के लिए तैयारी, रणनीतिक सोच और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को एसएसबी चयन प्रक्रिया के व्यावहारिक पहलुओं से रूबरू करवाया। साथ ही ग्रुप डिस्कान प्रतिभागियों को उनकी ताकत और कमजोरियों से अवगत कराया। उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने कहा कि विधि स्नातकों के लिए भारतीय सशस्त्र सेना में विशेषकर जज एडवोकेट जनरल ब्रांच में विशेष अवसर है। छात्रों को अपने अंतिम वर्ष में क्लेट पीजी की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है और उसके बाद सीधे एसएसबी के लिए जाते है। अब तक लॉ कॉलेज के दो छात्र भारतीय आर्मी और एक छात्र नेवी में चयनित होकर जज एडवोकेट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे है। बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि ने कार्यशाला को छात्रों के लिए उपयोगी बताया।
कार्यशाला के अंतिम चरण में प्रतिभागियों को एसएसबी परीक्षा से संबंधित टास्क दिये गये जिसमें में अव्वल आने वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यशाला का संचालन कालेज की ट्रैनिंग एण्ड रिक्रूटमेंट डिवीजन द्वारा किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से प्रो. राधेश्याम झा, प्रो. अनिल दीक्षित, डा. कुलजीत सिंह, प्रो. जितेन्द्र सिंह, प्रो. लक्ष्मी प्रिया, डा. अभिरंजन दीक्षित, पूर्णिमा त्यागी, एेशवर्या सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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