संविधान की विशेषताओं को जन—जन तक पहुंचाने पर जोर

  • कन्या गुरुकुल परिसर में पोस्टर प्रदर्शनी व क्विज प्रतियोगिता आयोजित

देहरादून। कन्या गुरुकुल परिसर देहरादून में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम लोकतंत्र के महत्व और संविधान की विशेषताओं को जन—जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
सोमवार को राजपुर रोड स्थित परिसर में कार्यक्रम फाउंडेशन के वरिष्ठ सदस्य अशोक मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र की स्थापना केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिकों को सही एवं गलत में भेद करने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है और इसकी सफलता तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के साथ—साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहे। इतिहास की विभागाध्यक्ष प्रो. रेणु शुक्ला ने कहा कि प्राचीन भारत में गणतांत्रिक व्यवस्था का सुदृढ़ स्वरूप विद्यमान था। परिसर की समन्वयक प्रो. हेमंत पाठक ने लोकतांत्रिक मूल्यों और मान्यताओं की प्रासंगिकता पर विचार रखे। इस दौरान भारतीय संविधान पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डा. अर्चना डिमरी ने किया। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को शिक्षा और सामाजिक जीवन में आत्मसात करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

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