श्वेता बनीं माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली विश्व की पहली दृष्टि दिव्यांग पर्वतारोही
- 19 सितम्बर को अफ्रीका की 5895 मीटर की चोटी पर हासिल की जीत
देहरादून। पर्वतारोही अंकित कुमार भारती और दृष्टि दिव्यांग पर्वतारोही श्वेता कुमारी ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटियों में शुमार माउंट किलिमनजारो (5895 मीटर) पर फतह हासिल कर ली है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली श्वेता विश्व की पहली दृष्टि दिव्यांग पर्वतारोही बन गयी हैं जिन्होंने माउंट किलिमंजारों चढ़ने में सफलता हासिल की है।

दोनों पर्वतारोहियों के देहरादून पहुंचने पर सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (एसबीपीएस) में भव्य स्वागत किया गया। बलूनी ग्रुप के एमडी विपिन बलूनी ने दोनों पर्वतारोहियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि श्वेता और अंकित की जोड़ी ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखा है। माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई 5895 मीटर है। यह पर्वत अफ्रीका के तंजानिया में स्थित है। पर्वतारोही अंकित भारती ने बताया कि पर्वतारोहण अभियान 16 सितम्बर को शुरू किया गया था और चोटी पर फतह 19 सितम्बर को हासिल की गयी। उन्होंने बताया कि यह सम्मिट सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल के सहयोग से किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले दोनों पर्वतारोहियों ने जुलाई में लद्दाख की दो जोंग चोटी पर भी फतह हासिल की थी। अंकित इससे पहले माउंट डीकेडी 2, माउंट क्यांग्सते एक और दो के लिए माउंट किलिमंजारो को पहले भी फतह कर चुके हैं।
पर्वतारोही श्वेता ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने स्कूल के परिसर में आकर अपने अनुभव छात्रों और कर्मचारियों के साथ साझा किए। साथ ही जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य पंकज नौटियाल ने भी दोनों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।