- ट्रेनों में पैर रखने की नहीं मिली जगह
- सीट न मिलने से सैंकड़ों लोग हुए मायूस
देहरादून। घर जाकर परिजनों के साथ दीपावली मनाने की हजारों लोगों की हसरत अधूरी रह गई है। रविवार को ट्रेनों व बसों में जगह न मिलने से हजारों लोग अपने घरों को नहीं जा सके। दून से विभिन्न शहरों को जाने वाली ट्रेनें व बसें यात्रियों से ठसाठस भरी थी।
दीपावली के मद्देनजर को दून का रेलवे स्टेशन सुबह से ही यात्रियों से भरा हुआ था। प्लेटफार्म पर ट्रेन के लगते ही डब्बों में चढऩे के लिए यात्रियों में जमकर मारामारी होती रही। दरवाजे से मौका न मिलने पर कई यात्री खिडक़ी के जरिये बोगी में घुसते को मजबूर थे। चंद मिनटों में ही ट्रेन की बोगी फुल हो रही थी। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सामान्य बोगी की थी जिसमें पैर रखने की भी जगह नहीं थी। आरक्षित कोचों की स्थिति भी कुछ खास अच्छी नहीं थी। स्लीपर के आरक्षित कोच में कन्फर्म से ज्यादा वेटिंग टिकट वाले यात्रियों की थी। घर जाने की चाहत में लोग बोगी में सिर्फ पैर रखने की जगह तलाश रहे थे। ट्रेनों में सबसे ज्यादा मारामारी लखनऊ होते हुए बिहार व प. बंगाल जाने वाली ट्रेनों रही है। देहरादून से वाराणसी जाने वाली जनता एक्सप्रेस (15120), उपासना एक्सप्रेस (2328), कानपुर जाने वाली लिंक एक्सप्रेस में वेटिंग टिकट में नहीं मिल रहा था। रेलवे द्वारा देहरादून से स्पेशल ट्रेन ने चलाए जाने से यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
आईएसबीटी में दिखी घर जाने की बेकरारी
देहरादून। इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) रविवार को यात्रियों से भरा रहा। दिल्ली, मेरठ, कानपुर, आगरा, लखनऊ, मुरादाबाद, बरेली, कुमांऊ, गढ़वाल की आेर जाने वाले यात्रियों का तांता लगा रहा। इसके चलते बस चंद मिनट में भर जा रही थी। हालात को देखते हुए रोडवेज ने बसों के फेरे बढ़ाने के साथ ही कुछ रूटों पर बसों की संख्या भी बढ़ाई। वहीं त्यौहार के चलते निजी कम्पनियों की बसों की चांदी रही। आईएसबीटी के आस—पास से बड़ी संख्या में इन बसों का सहारा ले रहे थे।