- अंधेरे में मनाई ठेकेदार और मजदूरों ने दिवाली
- देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने ठेकेदारों को दिया दिलासा
देहरादून। देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने चंदननगर स्थित अपने मुख्यालय में एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदारों एवं काम करने वाले मजदूरों ने भाग लिया। बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदार और मजदूरों ने अपनी व्यथा बताई। संगठन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल को बताया कि भारत देश का सबसे बड़ा पर्व दिवाली हैं जिसमें सरकार अपने कर्मचारियों को बोनस आदि प्रदान करती हैं, लेकिन प्रधानमंत्री श के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को जल जीवन मिशन के काम 90 प्रतिशत पूर्ण करने के बावजूद भी कोई भुगतान दिवाली पर नहीं किया गया।। ठेकेदार और मजदूरों ने 24 घंटे एक करके तय समय के भीतर अपनी मेहनत और मजदूरों के सहयोग से सभी जगह पानी की व्यवस्था कराई और सरकार के दिए गए लक्ष्य को प्राप्त किया। बावजूद इसके जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदार को पेमेंट रोक दी गई। पेमेंट न मिलने से ठेकेदार मजदूर एवं जल जीवन से मिशन से जुड़े हुए सभी काम करने वाले लोगों को भुगतान नहीं कर सके किया गया जिसमें मजदूर ढंग दीपावली नहीं मना सकें।
देवभूमि जल शक्ति कॉन्टैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड के 70 प्रतिशत गावों में ठेकेदारों द्वारा पानी पहुँचाया जा चुका हैं। योजनाओं का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ठेकेदारों को दीपावली पर भुगतान का भरोसा दिया गया था, लेकिन भुगतान की आशा में बैठे ठेकेदारों को दर किनार कर दिया गया। ठेकेदारों के साथ लेबर, सप्लायर लम्बे समय से मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक तंगी में आ चुके हैं। उन्होंने सरकार से जल्द भुगतान करने की मांग उठाई।
बैठक में देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन मित्तल, सचिव सुनील गुप्ता एवं अन्य सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे।