एआई भविष्य के प्रगति की आधारशिला: प्रो. बेदी

  • उत्तरांचल विवि में लाइब्रेरी एंड टेक्नोलॉजी ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन 

 

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय में थर्ड इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ लाइब्रेरी एंड टेक्नोलॉजी ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड ह्यूमैनिटीज इन लाइब्रेरी एंड एजुकेशन 4.O का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एआई के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

शुक्रवार को कॉन्फ्रेंस का  उद्घाटन विवि के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कुलपति प्रो. डॉ. धर्मबुद्धि, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पद्मश्री प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी, प्रो. केपी सिंह (निदेशक, गांधी भवन, दिल्ली विश्वविद्यालय), प्रो. डॉ. रेनेसिंथ बी. जौरिग (फिलीपींस विश्वविद्यालय), प्रो वीसी डॉ. राजेश बहुगुणा ने किया। बतौर मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने  कहा कि एआई भविष्य की प्रगति की आधारशिला है, लेकिन इसकी सार्थकता तभी है जब इसे नैतिकता, मानवीय मूल्यों और भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ जोड़ा जाए। फिलीपींस से प्रो. रेनेसिंथ बी. जौरिग ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न केवल सूचना प्रबंधन को अधिक कुशल बना रहा है, बल्कि शिक्षा को अधिक सुलभ और प्रभावशाली बनाने में भी मदद कर रहा है। कुलपति प्रो. डॉ धर्म बुद्धि ने एजुकेशन 4.0 की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग सीखने की प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक बना सकता है। उपाध्यक्ष अंकिता जोशी ने एआई का उपयोग मानवता और समाज के लिए करने पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता प्रो. के. पी. सिंह ने कहा कि पुस्तकालयों और तकनीक का संगम अकादमिक जगत को नई दिशा देगा और ज्ञान की नई संभावनाएं खोलेगा। संयोजक और विवि पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. रामवीर तंवर ने सभी का स्वागत किया।
सम्मेलन में सतत विकास के लिए नैतिक और जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर एक पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। सत्र का संचालन डॉ. मनीष कुमार बाजपेयी  (लाइब्रेरियन, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी लखनऊ) ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रो. एम.पी. सिंह, डीन, स्कूल ऑफ इन्फॉर्मेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ ने की। इस पैनल डिस्कशन में पैनलिस्ट डॉ. डार्लीन जेनिजेरा-पजरिटो (फिलीपींस), प्रो. राजपाल त्यागी (एमएमएच कॉलेज, गाजियाबाद) और प्रो. सोनल शर्मा (उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, देहरादून) रहीं।
दूसरे सत्र का संचालन प्रो. (डॉ.) शरद कुमार सोनकर (बीबीएयू लखनऊ) ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) सुरेश चंद्र नायक (डीन जिज्ञासा यूनिवर्सिटी) देहरादून ने की। सत्र में  पैनलिस्ट प्रो. (डॉ.) तनुप्रिया चौधरी (यूपीईएस) और प्रो. (डॉ.) समीर देव शर्मा (उत्तरांचल यूनिवर्सिटी देहरादून) ने पर्यावरण संरक्षण में एआई की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का समापन प्रो. डॉ. रीता रौतेला के आभार जताया, जबकि संचालन सहायक प्रोफेसर मालिका पायल ने किया।

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