- दून विश्वविद्यालय ने हासिल की बड़ी उपलब्धि: प्रो. सुरेखा डंगवाल
देहरादून। दून विश्वविद्यालय ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा जारी क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में दून विश्वविद्यालय को स्थान मिला है। इस रैंकिंग में दून विश्वविद्यालय को एशिया में 951–1000 बैंड और दक्षिण एशिया में 312वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। उक्त उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध कार्यों में लगातार बढ़ती उत्कृष्टता को दर्शाती है।
इस वर्ष विश्वविद्यालय के प्रदर्शन की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि उसे हर पेपर में साइटेशन के मानक पर 97.7 का असाधारण स्कोर मिला, जो कई आईआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों से भी अधिक है। यह परिणाम इस बात का प्रमाण है कि दून विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधकर्ताओं द्वारा किया गया कार्य न केवल गुणवत्तापूर्ण है, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा भी जा रहा है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन अनुसंधान और खोज, सीखने का अनुभव, वैश्विक भागीदारी और रोजगार क्षमता के आधार पर किया जाता है। इन सभी क्षेत्रों में दून विश्वविद्यालय के निरंतर प्रदर्शन ने इसे एक उभरते हुए शैक्षणिक और शोध केंद्र के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय ने साबित किया है कि वह अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार और शोध-आधारित शिक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शानदार उपलब्धि पर दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने हर्ष व्यक्त किया और सभी शिक्षकों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों को बधाई दी। केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और धीरे-धीरे एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। इस उपलब्धि के पीछे विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य की मेहनत, समर्पण और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम में प्रोफेसर एचसी पुरोहित (निदेशक आईक्यूएसी), प्रोफेसर सुथार (डीन, स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज़), प्रोफेसर राजेश कुमार (डीन, स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन) और डॉ. अरुण कुमार (निदेशक, शोध विभाग) ने भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति लगातार मजबूत हो रही है और यह सफलता सभी के समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
