शोध और उद्यमशील सोच को वैश्विक स्तर पर मिली पहचान: डा. शर्मा

  • स्कूल आफ लॉ और एडवांस्ड इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि
  • यूपीएस के पांच दिवसीय दीक्षांत समारोह का आगाज

देहरादून। यूपीईएस का 23वां दीक्षांत समारोह शुरू हो गया है। पांच दिनों तक चलने वाले समारेह में यूपीईएस के सातों स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने को उपाधि प्रदान की जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
सोमवार को स्कूल आफ लॉ (एसओएल) और स्कूल आफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग (एसओएई) के छात्रों से दीक्षांत समारोह का आगाज हुआ। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर के चेयरपर्सन हेमंत गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि खैतान कंपनी के पार्टनर अरिंदम घोष मौजूद रहे। वहीं स्कूल अफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग में बतौर मुख्य अतिथि माइक्रोन इंडिया के एमडी आनंद राममूर्ति व विशिष्ट अतिथि आेएनजीसी के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर गोपाल जोशी ने उपाधि प्रदान की। विवि के वाइस चांसलर डा. राम शर्मा ने कहा दीक्षांत समारोह दृढ संकल्प का उत्सव है।  विद्यार्थियों ने वास्तविक कौशल व तकनीकी ज्ञान के साथ मानवीय भाव भी दिखाया। यूपीईएस ने जिज्ञासा, सहयोग की भावना के साथ उद्योग से अपने संबंधों को मजबूत किया है। शोध को आगे बढ़ाया है और उद्यमशील सोच को संवारा है जिसे वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। यूपीईएस छात्रों की सफलता, शोध उत्कृष्टता और इंडस्ट्री सहयोग को लेकर प्रतिबद्ध है, ताकि विवि से निकालने वाले छात्र समाज और अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार रहें।
यूपीईएस के दीक्षांत समारोह की कड़ी में 10 नवम्बर को स्कूल आफ बिजनेस (एसओबी), 11 नवम्बर को स्कूल आफ हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलाजी (एसओएचएसटी), स्कूल आफ लिबरल स्टडीज एंड मीडिया और स्कूल आफ डिजाइन के विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। 12 नवम्बर को यूपीईएस का आनलाइन दीक्षांत समारोह होगा। वहीं स्कूल आफ कंप्यूटर साइंस का दीक्षांत समारोह 12 नवम्बर की दूसरी पाली से शुरू होकर 13 नवम्बर तक चलेगा। हर दिन दीक्षांत समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे।
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शिखा ध्यानी को मिली डाक्टरेट की उपाधि
देहरादून। यूपीईएस के स्कूल आफ एडवांस इंजीनियरिंग के दीक्षांत समारोह में शिखा ध्यानी को इंजीनियरिंग में डाक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। शिखा ध्यानी ने एनालिसिस आफ ईसीजी— बेस्ड अर्थेमिया डिटेक्शन सिस्टम यूजिंग मशीन लर्निंग विषय पर मुख्य गाइड प्रोफेसर डा. सुशाभान चौधरी व को—गाइड प्रोफेसर डा. आदेश चौहान के निर्देशन में शोध कार्य पूर्ण किया गया। इसके  अलावा एमटेक के शशांक ध्यानी को मास्टर आफ टैक्नोलाजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सिल्वर मेडल प्रदान किया गया।

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