देहरादून (एसएनबी)। एसजीआरआर मेडिकल कालेज के एनाटामी विभाग के एमबीबीएस—2025 बैच के नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए बुधवार को कैडेवरिक ओथ समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल छात्रों को शरीर दान के महत्व से अवगत कराना और चिकित्सा शिक्षा में कैडेवर को प्रथम शिक्षक के रूप में सम्मान देने की भावना विकसित करना था।
अखिल भारतीय अग्रवाल सोसाइटी के अध्यक्ष डा. संजय अग्रवाल, एनाटामी विभाग की एचओडी प्रोफेसर हरमीत कौर, जसवीर कौर, इंद्रजीत सिंह व राजकिशोर जैन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद सरस्वती वंदना की गई और नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को कैडेवरिक ओथ दिलाई गई। इस अवसर पर डा. अग्रवाल ने कहा कि मेडिकल कालेजों में लोग लगातार शरीर दान करने के लिए आ रहे हैं। यह कहीं न कहीं अंगदान के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता का परिणाम भी है। लोगों को अंगदान के प्रति और भी अधिक जागरूक किया जाना चाहिए। एचओडी प्रोफेसर हरमती कौर ने कैडेवरिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैडेवर मेडिकल छात्र-छात्राओं का प्रथम शिक्षक होता है। कैडेवरिक ओथ एक पवित्र प्रतिज्ञा है, जिसमें विद्यार्थी मानव शरीर को डिस्क्ट करने से पूर्वदाता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं और कैडेवर को अपने प्रथम गुरु के रूप में स्वीकार करते हैं। डा. निधि जैन, डा. शशि मुंजाल, डा. एस अली, डा. वंदना तिवारी, डा. अनिश नौटियाल, डा. चंचल शर्मा, डा. प्रिया आदि भी इस दौरान मौजूद रही।
