सिल्क्यारा सुरंग और मंदिरः
उत्तराखंड उत्तरकाशी
मीडिया सूत्रों की मानें तो जहां टनल बन रही है, वहां पहले बाबा बौखनाथ का छोटा सा मंदिर था। आरोप है कि टनल निर्माण के दौरान मंदिर को तोड़ा गया, जिसकी वजह से प्रकोप यहां बरस रहा है। बताया जा रहा है की टनल के मुहाने पर दोबारा मंदिर स्थापित किया गया है। हिम वार्ता लाइव के संम्पादक ने जब स्थानीय लोगों से संम्पर्क साधा तो इसमें बहुत सारी दैवीय शक्तियों का भी जिक्र सामने आ रहा है। उत्तराखंड देवभूमि के नाम से जाना जाता है इस प्रकार के दैवीय शक्तियां तभी भी सामने आई थी जब अंग्रेजो ने टिहरी गढ़वाल पर आक्रमण करने की सोची थी हिम वार्ता लाइव इस खबर की पूर्णता पुष्टि नहीं करती है ।
