किसान मजबूत तो देश मजबूत

– उत्तरांचल विश्वविद्यालय में दो दिवसीय किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी का शुभारंभ

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर और अटल कम्यूनिटी इनोवेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आज विश्वविद्यालय परिसर में दो दिवसीय किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले का मुख्य विषय ‘विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत’ रखा गया है, जो आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और किसानों की आय वृद्धि पर केंद्रित है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि किसान मजबूत तो देश मजबूत है। राज्य निर्माण के बाद से उत्तराखंड में कृषि क्षेत्रफल 2.10 लाख हेक्टेयर कम हुआ है, लेकिन उत्पादन में 3 लाख टन की वृद्धि हुई है। टिहरी और रुद्रप्रयाग जिले पूर्ण रूप से जैविक खेती की ओर अग्रसर हैं, जबकि प्रदेश में वर्तमान में 34 प्रतिशत क्षेत्र जैविक खेती के अंतर्गत आता है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत जैविक खेती सुनिश्चित करना है।
श्री जोशी ने ड्रोन तकनीक, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, डिजिटल परामर्श, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों से अनुसंधान एवं नवाचार के जरिए कृषि को नई दिशा देने का आह्वान किया तथा इस मेले को अनुकरणीय बताया।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष  जितेंद्र जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में उन्नत सेब, बेमौसमी सब्जियां, जड़ी-बूटियां और ऑर्गेनिक उत्पाद नकदी फसलों के रूप में किसानों की आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने किसानों को नकदी फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगे हैं, जहां विभिन्न विभागों, बैंकों और कृषि कंपनियों द्वारा उन्नत बीज, मिट्टी परीक्षण, जैविक खेती, पशुपालन, बागवानी, कृषि यंत्र और खाद्य प्रसंस्करण की जानकारी दी जा रही है। मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड का विमोचन किया गया तथा किसान गोष्ठी में किसानों और वैज्ञानिकों ने सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान
पांच प्रगतिशील किसानों अंकित (रामनगर डांडा),  ममता भट्ट (नाहड),  विनिता (धारकोट),  नारायण सिंह (हयोऊ) और कांता देवी (बिसोई) को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष  अंकिता जोशी, कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि, उप-कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के निदेशक डॉ. शरद पांडेय सहित पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा, डॉ. एस.पी. सिंह और बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक तथा छात्र उपस्थित रहे।मेला कल 20 मार्च तक जारी रहेगा, जहां किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और बाजार से जुड़ी जानकारियां मिलेंगी। यह आयोजन उत्तराखंड की कृषि को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

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