– डा ऐरन का डेंटल स्वास्थ्य और शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने संकल्प
देहरादून/नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा डेंटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार के तहत गठित राष्ट्रीय डेंटल कमीशन (NDC) में रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून के कुलपति प्रो. (डॉ.) हिमांशु ऐरन को डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति NDC अधिनियम के तहत हुई है।
डॉ. ऐरन की यह नियुक्ति डेंटल क्षेत्र में उनके तीन दशकों से अधिक के अनुभव, प्रशासनिक कुशलता, शिक्षा-शोध में योगदान और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। प्रेस से बातचीत में डॉ. ऐरन ने कहा, “यह पद मेरे लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक है—यह देश के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। हम ऐसी पारदर्शी, गुणवत्ता-आधारित और सुलभ व्यवस्था बनाएंगे जिसमें उच्च स्तरीय डेंटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं देश के अंतिम व्यक्ति तक किफायती रूप से पहुंच सकें। NDC के माध्यम से भारत डेंटल क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित करेगा।” डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड संस्थाओं का मूल्यांकन, मान्यता और रेटिंग करेगा। इस बोर्ड में डॉ. ऐरन पूर्णकालिक सदस्य हैं। डॉ. ऐरन को पहले भी कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें प्रोस्थोडोंटिक्स ऑफ द ईयर (2013, 2015), आउटस्टैंडिंग अकादमिशियन अवार्ड 2014, आईसीडी अवार्ड 2014-15, उत्तराखंड राज्यपाल द्वारा हिमरत्न अवार्ड, उपराष्ट्रपति द्वारा प्रोजेक्ट आरोग्य सम्मान और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा शोध योगदान की सराहना शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. ऐरन जैसे दूरदर्शी नेता के नेतृत्व से डेंटल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, संस्थागत पारदर्शिता, फीस नियमन और ग्रामीण-दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाओं का विस्तार संभव होगा। NDC का गठन डेंटल हेल्थकेयर को वैश्विक मानकों पर लाने और देश की समग्र मौखिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
