देहरादून। दून पुलिस ने ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर क्षेत्र से तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रह रही थीं। गिरफ्तार महिलाओं में एक किर्गिस्तान तथा दो उज्बेकिस्तान की नागरिक हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक महिला पूर्व में बिहार पुलिस द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रहने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजी जा चुकी थी, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद भी वह अपने देश नहीं लौटी और दोबारा अवैध रूप से भारत में रह रही थी।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए जिलेभर में सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28 मार्च को रायपुर पुलिस ने सत्यापन के दौरान सांई कॉम्पलैक्स के तीसरे फ्लोर स्थित एक फ्लैट में तीन विदेशी महिलाओं को संदिग्ध अवस्था में पाया। पुलिस द्वारा भारत में रहने के वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में महिलाओं ने अपने नाम ईरीका (29 वर्ष), मूल निवासी किर्गिस्तान, करीना (30 वर्ष), मूल निवासी उज्बेकिस्तान तथा निगोरा नीम (32 वर्ष), मूल निवासी उज्बेकिस्तान बताए। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक पासपोर्ट, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक किर्गिस्तान आई-कार्ड, एक आधार कार्ड की छायाप्रति, दो एसबीआई बैंक पासबुक, सात मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा के पांच नोट बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि ईरीका वर्ष 2023 में एक वर्ष के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद भी अपने देश नहीं लौटी। वहीं, करीना और निगोरा वर्ष 2022 और 2023 में नेपाल बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं। दिल्ली में तीनों की मुलाकात हुई, जहां इनके परिचितों की मदद से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए गए।
रायपुर थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस तथा इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 23 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले गिरोह और सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
