एक ही खसरा, दो सौदे: सुनवाई में भूमाफियों का बड़ा खेल उजागर

– लैंड फ्राड पर गढ़वाल कमिश्नर सख्तः 51 मामलों का निस्तारण, 5 में एफआईआर दर्ज

देहरादून। गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर सख्ती बरती गई।
आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमाफियाओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत त्वरित कार्रवाई की जाए। बैठक में 51 नवीन शिकायतों सहित कुल 51 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जबकि 5 गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
एक ही खसरे की भूमि को दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचने जैसे चौंकाने वाले मामलों का खुलासा हुआ। राजस्थान निवासियों द्वारा रुद्रप्रयाग में खरीदी गई भूमि पर होटल निर्माण कर आगे बेचने और उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश अधिनियम की धारा-154 का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि सरकार में निहित करने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाए और स्पष्ट धोखाधड़ी वाले मामलों में एसआईटी जांच कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि संयुक्त निरीक्षण इसी सप्ताह पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, अन्यथा दोषी अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
कुल 170 लैंड फ्रॉड मामलों में से अब तक 77 की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जिनमें 51 निस्तारित हो गए हैं। शेष मामलों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर तलब की गई है। आगामी 15 दिनों में पुनः बैठक कर समीक्षा की जाएगी।
आयुक्त ने उप जिलाधिकारी सदर व ऋषिकेश की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। एक तहसीलदार द्वारा जानकारी न देने पर उन्हें तुरंत ऋषिकेश भेजकर एक घंटे में रिपोर्ट मंगवाई गई।
पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, विभिन्न एसडीएम और तहसीलदार बैठक में उपस्थित थे।

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