देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को अपने कैंप कार्यालय में जलनिगम और जलसंस्थान के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य विषय मसूरी विधानसभा क्षेत्र में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइनों की मरम्मत और लंबित पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूरा करना था।
बैठक में मंत्री जोशी ने अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री ने जोर देकर कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मसूरी क्षेत्र की लंबित पेयजल योजनाओं को शासन स्तर से शीघ्र स्वीकृति दिलाई जाए। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर समयबद्ध तरीके से इन्हें पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना सरकार का दायित्व है और इस दिशा में कोई भी कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य घनश्याम नेगी, सुंदर सिंह पयाल, ग्राम प्रधान संजय राणा, सचिन कुमार, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार पाल, जल निगम के ईई सत्येन्द्र पुंडीर सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री के इन निर्देशों से मसूरी के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या जल्द दूर होने की उम्मीद जगी है। आपदा के बाद पेयजल लाइनों की मरम्मत और नई योजनाओं के क्रियान्वयन से स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।
