देहरादून। सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में लंबे समय से विवादों और कथित दबंगई को लेकर चर्चित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बिल्डर पुनीत अग्रवाल को “गुंडा” घोषित कर छह माह के लिए देहरादून जनपद से जिला बदर कर दिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार एटीएस कॉलोनी निवासी और डीआरडीओ वैज्ञानिकों सहित कई लोगों ने 25 अप्रैल को जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 13 अप्रैल को बिल्डर पुनीत अग्रवाल ने डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक के परिवार के साथ मारपीट और अभद्रता की। घटना में वैज्ञानिक का कान का पर्दा फट गया था, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम मसूरी से गोपनीय जांच कराई। जांच में स्थानीय निवासियों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहा था। थाना रायपुर में दर्ज मुकदमों, वायरल वीडियो और क्षेत्रवासियों की शिकायतों को आधार बनाते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने पाया कि आरोपी आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।
प्रशासन के अनुसार पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। उस पर डीआरडीओ वैज्ञानिक से मारपीट, आरडब्ल्यूए सदस्यों को धमकाने, नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने, गाली-गलौच और अवैध कब्जे जैसे आरोप भी हैं। पूर्व में जिलाधिकारी ने उसका शस्त्र लाइसेंस भी निलंबित किया था। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के मुताबिक पुनीत अग्रवाल अगले छह माह तक बिना अनुमति देहरादून जनपद में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रायपुर थाना पुलिस को आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
