देहरादून। देहरादून जनपद को नया जिलाधिकारी मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2012 बैच के अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को कोषागार पहुंचकर विधिवत रूप से जिलाधिकारी देहरादून का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने से पूर्व उन्होंने कोषागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटल सत्यापन तथा पेंशनरों के डेटा के सुरक्षित संरक्षण पर विशेष जोर दिया।
कार्यभार ग्रहण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नवागत जिलाधिकारी का स्वागत किया। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाना उनकी शीर्ष प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही चारधाम यात्रा प्रबंधन को मजबूत करना, आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करना और विकास योजनाओं को गति देना भी उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल है। डा. चौहान ने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, तकनीक आधारित प्रशासन और सुगम सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
पूर्व डीएम बंसल के कार्यकाल की सराहना
इससे पूर्व जनपद के जिलाधिकारी रहे सविन बंसल का स्थानांतरण सचिवालय में किया गया। सितंबर 2024 से देहरादून में उनके कार्यकाल के दौरान जनहित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गईं। उनके नेतृत्व में ‘नंदा-सुनंदा’ जैसी बालिका सशक्तिकरण योजना, भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम उन्मूलन अभियान, त्वरित जनसुनवाई व्यवस्था और शिकायत निस्तारण प्रणाली को मजबूती मिली। इन प्रयासों के कारण उन्हें “पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर” के रूप में भी पहचान मिली।
नवाचार आधारित कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं डॉ. चौहान
डॉ. आशीष चौहान इससे पूर्व पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे जनपदों में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उनकी पहचान तकनीक आधारित नवाचारों और जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के रूप में रही है। पौड़ी में विकसित ‘सेफ सफर ऐप’ ने सड़क सुरक्षा को नई दिशा दी, वहीं ‘काव्या ऐप’ ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी और सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को मजबूत किया। पर्यटन विकास के क्षेत्र में ‘त्रिशूल पार्क’ जैसी परियोजना उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण का उदाहरण है।
